ब्रेकिंग
कैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तार

UGC Rules 2026 : यूजीसी नियम 2026 के विरोध में BJP में इस्तीफे, सवर्ण समाज में बढ़ा रोष; दिल्ली में प्रदर्शन

यूजीसी नियम 2026 के विरोध में सवर्ण समाज और भाजपा के कई नेताओं ने इस्तीफा दिया है। विरोध तेज होने के साथ दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन भी जारी है, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक बनता जा रहा है।

UGC Rules 2026 : यूजीसी नियम 2026 के विरोध में BJP में इस्तीफे, सवर्ण समाज में बढ़ा रोष; दिल्ली में प्रदर्शन
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

UGC Rules 2026 : यूजीसी द्वारा लागू किए गए ‘यूजीसी नियम, 2026’ के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस नियम को सवर्ण समाज के खिलाफ बताया जा रहा है और देश के विभिन्न हिस्सों में इससे नाराजगी के स्वर सुनाई दे रहे हैं। अब यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी तूल पकड़ने लगा है और भाजपा के भीतर भी असंतोष की स्थिति बनती जा रही है।


उत्तर प्रदेश के यूपी पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी नियम 2026 के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की एक वजह शंकराचार्य के अपमान को भी बताया है। इसके अलावा कवि कुमार विश्वास ने भी इन नियमों का विरोध किया है और इसे गलत करार दिया है।


मामला राजनीतिक रूप भी ले रहा है। भाजपा के भीतर इस नियम को लेकर असंतोष के स्वर उभर रहे हैं, जिसके चलते रायबरेली और लखनऊ में भाजपा के नेताओं ने इस्तीफे दिए हैं। भाजपा के नेता ब्रजभूषण शरण सिंह के बेटे और विधायक प्रतीक शरण सिंह ने भी यूजीसी नियम 2026 के खिलाफ असहमति जाहिर की है।


सवर्ण समाज में विरोध के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने भी इस नियम पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह नियम छात्रों के बीच भेदभाव और विभाजन पैदा कर सकता है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान में जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस नियम पर पुनर्विचार करने की मांग की है।


इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने भी पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि नए यूजीसी रूल्स के विरोध में वह पद छोड़ रहे हैं। त्रिपाठी ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस्तीफे की घोषणा की और यूजीसी नियम को ‘काला कानून’ बताया। उन्होंने कहा कि यह नियम सवर्ण समाज के बच्चों के खिलाफ है और यह समाज के लिए बेहद खतरनाक तथा विभाजनकारी है।


देश में यूजीसी नियम 2026 के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्रों ने दिल्ली स्थित यूजीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जहां पुलिस बल की भारी तैनाती की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह नियम छात्रों के बीच भेदभाव बढ़ाएगा और सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाएगा।


विरोध के साथ-साथ राजनीतिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है, जिससे सरकार पर इस नियम पर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ सकता है। विपक्षी दलों के साथ-साथ भाजपा के भीतर भी यह मुद्दा बढ़ता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में इस पर नई राजनीति उभरने की संभावना है।

संबंधित खबरें