बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म
30-Jan-2026 09:34 AM
By First Bihar
Bihar Expressway : आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे पर दिसंबर 2026 से आवागमन शुरू होने की संभावना है। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने संसद में गुरुवार को दरभंगा से भाजपा सांसद गोपाल जी ठाकुर के सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे का लगभग 25 प्रतिशत कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसका विस्तार नेपाल तक भी किया जाएगा।
सांसद गोपाल ठाकुर ने दरभंगा-जयनगर एनएच 527बी परियोजना की धीमी प्रगति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केवल 15 किमी का टेंडर हुआ है, जबकि यह परियोजना कई वर्षों से लंबित है। उन्होंने दरभंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और दरभंगा आरओबी के निर्माण में देरी पर भी चिंता जताई। इसके जवाब में केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि दरभंगा-जयनगर परियोजना पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और आने वाले वित्तीय वर्ष में काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि दरभंगा कॉरिडोर और आरओबी निर्माण के लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है।
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 189 किमी होगी। इसके बन जाने से पटना से दरभंगा तक का सफर लगभग चार घंटे कम हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के सात जिलों—औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा—से होकर गुजरेगा और कुल 19 शहरों को जोड़ेगा। पटना में यह कच्ची दरगाह–बिदुपुर सिक्स लेन पुल के माध्यम से गंगा नदी को पार करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार इस एक्सप्रेसवे से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और व्यापारिक अवसरों में भी तेजी आएगी। इसके अलावा, यह परियोजना नेपाल सीमा तक संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि काम की गति बढ़ाने और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से बिहार के विभिन्न जिलों और शहरों के बीच परिवहन की सुविधा में सुधार होगा, जिससे लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही, यह क्षेत्रीय विकास और निवेश को भी आकर्षित करेगा। सांसद और केंद्रीय मंत्री के बीच हुई चर्चा में यह स्पष्ट हुआ कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही इस परियोजना को प्राथमिकता दे रहे हैं।