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05-Aug-2025 07:47 PM
By First Bihar
WEST CHAMPARAN: पश्चिम चंपारण के लौरिया से बीजेपी विधायक विनय बिहारी को मिश्रौली की जनता के विरोध का सामना करना पड़ा। क्षेत्र का विकास नहीं होने से गुस्साएं लोगों ने भाजपा विधायक की गाड़ी का घेराव किया। इस दौरान विनय बिहारी को जनता के सवाल का सामना करना पड़ गया। इस दौरान MLA और ग्रामीणों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर ग्रामीणों को धमकाने का आरोप लगाया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दरअसल योगापट्टी प्रखंड के मिश्रौली उच्च विद्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान लौरिया के भाजपा विधायक विनय बिहारी के सामने उस वक्त माहौल गरमा गया, जब ग्रामीणों ने पिछले 15 वर्षों में हुए विकास कार्यों पर सवाल उठा दिए। ग्रामीणों का कहना था कि जब उन्होंने अपने क्षेत्र की बदहाली और अधूरे विकास कार्यों पर सवाल पूछा तब विधायक जी जवाब देने के बजाय नाराज़ हो गए और तू-तू मैं-मैं करने लगे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस दौरान विधायक के सुरक्षाकर्मियों ने ग्रामीणों पर बंदूक तक तान दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसे ग्रामीणों ने ही रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह जनता की आवाज दबाने की कोशिश की गई।
ग्रामीणों ने कहा, "हमने तो सिर्फ इतना पूछा कि 15 साल में आपने क्या किया? हमें स्कूल, अस्पताल, सड़क, पानी चाहिए। लेकिन विधायक जी ग़ुस्सा हो गए और उनके बॉडीगार्ड हमें धमकाने लगे।"
इस घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों से जनता को उम्मीद होती है कि वे जवाबदेह होंगे, न कि सवाल पूछने पर धमकी देंगे। लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर होती है और अगर उसका अपमान किया जाता है तो यह सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना है।
यह घटना न सिर्फ चिंताजनक है बल्कि लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों के भी खिलाफ है। जनता का सवाल करना उसका अधिकार है और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह जवाबदेह बने, ना कि ग़ुस्से में आकर तू-तू मैं-मैं करने लगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करती है और भाजपा नेतृत्व अपने विधायक के इस व्यवहार पर क्या रुख अपनाता है।