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03-Jan-2026 09:58 AM
By First Bihar
land mafia : बिहार में एक तरफ राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार भूमि जनसंवाद कर अधिकारियों को यह निर्देश दे रहे हैं कि भू माफिया के खिलाफ एक्शन लें और जरूरत पड़े तो उनके ऊपर FIR करें। लेकिन जमीन माफिया को अभी भी इस आदेश से कुछ अधिक फर्क पड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा है।।यही वजह है कि सरकारी सड़क पर भी भू माफिया ने कब्जा जमाया हुआ है और अब इसकी जानकारी भी सामने आई है। यह पूरा मामला बेतिया का बताया जा रहा है।
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया मुफस्सिल थाना क्षेत्र में सरकारी सड़क पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। बेतिया–अरेराज मुख्य पथ पर हरदिया जोड़ा पुल के पास भू-माफियाओं ने सरकारी सड़क पर दीवार खड़ी कर कब्जा करना शुरू कर दिया है। इस अवैध निर्माण से न केवल सरकारी सड़क प्रभावित हो रही है, बल्कि इसके बगल में स्थित एक किसान की निजी भूमि भी अतिक्रमण की चपेट में आ गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क खाता संख्या 178 और खेसरा संख्या 871 में सरकारी नक्से में दर्ज है। यह सड़क जोड़ा नहर से पूरब सरेह जाने वाली मार्ग पर स्थित है और इस मार्ग की चौड़ाई 15 से 40 फीट तक है। सड़क का यह हिस्सा किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से वे अपने खेतों तक आते-जाते हैं।
मामले को लेकर प्रहलाद मुखिया और दीपक कुमार ने बेतिया मुफस्सिल थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने भू-माफियाओं के अवैध कब्जे का विरोध किया तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस के मौके पर पहुँचने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। इतना ही नहीं, सड़क किनारे लगे हरे पेड़ों की कटाई भी कर दी गई। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस द्वारा रोक लगाने के बावजूद भू-माफियाओं ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया, जिससे तनाव और गंभीर हो गया।
स्थानीय लोगों ने इस बाबत आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद से भी शिकायत की। मंत्री नारायण प्रसाद ने कहा कि दो वर्ष पहले भी इसी जमीन पर कब्जे का प्रयास हुआ था, जिसे प्रशासन ने रोका था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भूमि सरकारी नक्से में सड़क के रूप में दर्ज है और किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चार दिन पहले पुलिस को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए हैं और वे अपने अवैध निर्माण को जारी रखे हुए हैं।
प्रहलाद मुखिया ने बताया कि अवैध निर्माण से न केवल सड़क मार्ग प्रभावित हुआ है, बल्कि किसानों के आने-जाने में भी कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि इस सड़क से जुड़े किसान लगातार परेशान हैं और यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बबलू कुमार ने आगे बताया कि सड़क पर कब्जे और निर्माण की इस घटना से इलाके में लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने कहा, "हमारे घर के पास से गुजरने वाली सरकारी सड़क पर अवैध निर्माण चल रहा है। विरोध करने पर मारपीट हुई और डर की वजह से अब लोग घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।"
स्थानीय प्रशासन और पुलिस से बार-बार संपर्क करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में निराशा बढ़ रही है। स्थानीय निवासी यह भी आरोप लगा रहे हैं कि भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई न होने के कारण उनकी हिम्मत और बढ़ रही है। आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन तुरंत इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क के नक्से के अनुसार ही जमीन पर निर्माण हो सकता है और किसी भी तरह का अतिक्रमण कानून के तहत अपराध है।
इस पूरे मामले ने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया इलाके में प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि भू-माफियाओं के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए ताकि सड़क पर आम जनता की आवाजाही सुचारू रूप से हो सके और किसानों की निजी भूमि सुरक्षित रह सके। पिछले अनुभव और स्थानीय शिकायतों के आधार पर कहा जा सकता है कि अगर प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो यह मामला बड़े स्तर पर संघर्ष और विरोध में बदल सकता है। इसलिए इस मामले में सरकार और स्थानीय प्रशासन की तत्परता की सभी को प्रतीक्षा है।