BIHAR: बिहार और पूर्वी भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने रक्सौल से हल्दिया तक बनने वाले 6 लेन एक्सप्रेसवे की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 60,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 2028 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


719 KM लंबी होगी सड़क, गंगा नदी पर भी बनेगा नया पुल

719 किलोमीटर लंबी यह हाई-स्पीड सड़क बिहार के रक्सौल से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक जाएगी। जिससे भारत-नेपाल सीमा से सीधे समुद्री बंदरगाह तक कनेक्टिविटी मिलेगी। इस परियोजना के तहत बेगूसराय और सूर्यगढ़ा के बीच गंगा नदी पर एक बड़ा पुल भी बनाया जाएगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पुल बेगूसराय वाया शाम्हो होकर बनेगा या सीधे बेगूसराय से सूर्यगढ़ा के बीच बनेगा। इस असमंजस ने शाम्हो क्षेत्र के लोगों में कुछ हद तक निराशा भी पैदा की है।


विकास की ओर एक और कदम

इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर शाम्हो भाजपा मंडल अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने खुशी जताई और एनडीए सरकार की विकास नीतियों की सराहना की। उन्होंने इसे बेगूसराय, लखीसराय और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी।


 पुल परियोजना का अब तक का सफर

2019: तत्कालीन राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने राज्यसभा में बेगूसराय-शाम्हो पुल की मांग उठाई

6 दिसंबर 2019: नितिन गडकरी से मिलकर इस मुद्दे पर पत्र सौंपा

8 जून 2020: फिजिबिलिटी रिपोर्ट जमा

1 दिसंबर 2020: पहला DPR तैयार

12 जुलाई 2021: दूसरा DPR तैयार

3 नवंबर 2023: शाम्हो-मटिहानी पुल को लेकर गजट अधिसूचना

11 मई 2024: चुनावी भाषण में कार्य शुरू होने का वादा

2025: इस पुल को रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे का हिस्सा बनाया गया


अर्थव्यवस्था और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के बनने से नेपाल के व्यापारियों को हल्दिया पोर्ट तक आसान, तेज और सस्ता परिवहन उपलब्ध होगा। साथ ही बिहार, झारखंड और बंगाल के औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। गंगा पर पुल निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधी कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।