Bihar News: बगहा के मधुबनी प्रखंड अंतर्गत सिसई पंचायत स्थित नरहवा गांव इस समय भयंकर त्रासदी का सामना कर रहा है। गंडक नदी के कटाव ने गांव को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। जलस्तर कम होने के बावजूद कटाव की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है, और अब तक 100 से अधिक घर नदी में समा चुके हैं।
कभी बच्चों की किलकारियों और ग्रामीण रौनक से गुलजार रहने वाला नरहवा गांव अब खंडहरों में तब्दील हो चुका है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग अपने घर खुद तोड़कर ईंट और लकड़ी समेट रहे हैं, ताकि किसी अन्य स्थान पर अस्थायी झोपड़ी बनाकर सिर छुपाने की जगह मिल सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस सहायता नहीं मिल रही। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने नदी किनारे बोरियां डालने और धारा मोड़ने का कार्य शुरू किया है। अधिकारियों का दावा है कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी ठिकाने उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक ये राहत ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
गंडक नदी का कटाव इस क्षेत्र के लिए कोई नया संकट नहीं है। यह हर वर्ष ग्रामीणों के लिए एक भयावह त्रासदी बनकर सामने आता है। इस बार नरहवा गांव सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां इंसान, उनके सपने और पूरी जिंदगी गंडक की लहरों में समा गई है।