ब्रेकिंग न्यूज़

सीतामढ़ी की सिद्धी और साक्षी ने कर दिया कमाल, इंटर परीक्षा टॉपर में दोनों का नाम, जिले का नाम किया रोशन चोरों का नया टारगेट: घर से गैस सिलिंडर चुरा लिया, लेकिन गहना को छुआ तक नहीं मुंगेर की खुशी पांडेय बनी इंटरमीडिएट 2026 जिला टॉपर, हासिल किए 93.60% अंक समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन बने बिहार टॉपर, विज्ञान संकाय में हासिल किए 96.2% अंक सीतामढ़ी में करंट से लाइनमैन की मौत, आक्रोशित लोगों ने JE की कर दी पिटाई छपरा की रौशनी बनी बिहार टॉपर, इंटर में 95% अंक के साथ पांचवा रैंक किया हासिल अंशु कुमारी बनीं अरवल जिला टॉपर, इंटरमीडिएट परीक्षा में लहराया सफलता का परचम मधुबनी की सृष्टि ने इंटर कॉमर्स में चौथा रैंक किया हासिल, घर में जश्न का माहौल पटना में लूट की बड़ी वारदात: कैश कलेक्शन एजेंट से 20 लाख रुपये लूटकर भागे अपराधी मुंगेर में 47 लाख रुपये की ठगी: शेयर मार्केट में दोगुना मुनाफा के लालच में बुरे फंसे रेलवे इंजीनियर

Home / bihar / katihar-news / Court Decision: पत्नी और बच्चों को जिंदा जलाने वाले दरिंदे को कोर्ट...

Court Decision: पत्नी और बच्चों को जिंदा जलाने वाले दरिंदे को कोर्ट से फांसी, सास को उम्रकैद

Court Decision: कटिहार कोर्ट से आया एक ऐतिहासिक फैसला – जहां दरिंदगी की सभी हदें पार करने वाले पति को मिली फांसी और उसकी मां को उम्रकैद। यह मामला न सिर्फ कानून की जीत है, बल्कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक सख्त संदेश भी है।

20-Apr-2025 12:02 PM

By First Bihar

Court Decision: कटिहार जिला न्यायालय ने एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। 25 मार्च 2021 को रोशना थाना क्षेत्र के लाभा गांव में पत्नी और दो मासूम बेटियों को जिंदा जलाकर मारने वाले दरिंदे मोहम्मद ताहिर को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में ताहिर की मां हदीसन खातून को भी सहयोगी अपराधी मानते हुए उम्रकैद और ₹25,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है।


जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत त्रिपाठी ने मामले की सुनवाई करते हुए गवाहों और सबूतों के आधार पर यह सख्त फैसला सुनाया। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर शंभू प्रसाद ने बताया कि कुल 10 गवाहों के बयान के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।घटना के अनुसार, पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद मोहम्मद ताहिर ने सुलह का दिखावा करते हुए पत्नी रीना खातून और दोनों बेटियों को घर बुलाया।


अगले ही दिन उसने उन्हें कमरे में बंद कर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी, जिससे तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। यह फैसला समाज में एक सख्त संदेश देता है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ की गई इस तरह की बर्बरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने गंभीरता को समझते हुए सजा सुनाई, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।