ब्रेकिंग न्यूज़

राज्यसभा चुनाव से पहले 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित: शरद पवार, विनोद तावड़े सहित ये भी शामिल मुजफ्फरपुर: आभूषण कारोबारी से बाइक सवार बदमाशों ने छीना झोला, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस पत्नी के प्रेम-प्रसंग से आहत पति ने उठा लिया बड़ा कदम, इलाके में सनसनी घोसवरी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पिस्टल और 40 जिंदा गोलियों के साथ कुख्यात अपराधी का भाई गिरफ्तार चनपटिया में चापाकल का पानी पीने से दर्जनों बच्चे बीमार, जीएमसीएच बेतिया में भर्ती रील बनाने के चक्कर में ट्रेन से गंगा नदी में गिरी युवती, नाविकों ने बचाई जान बिहार में 12 से 15 मार्च तक बूंदाबांदी का अलर्ट, उत्तर बिहार के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना Bihar Crime News: बिजली विभाग में नौकरी का झांसा देकर 30 लाख की ठगी, खुद को SDO बताता था जालसाज Bihar Crime News: बिजली विभाग में नौकरी का झांसा देकर 30 लाख की ठगी, खुद को SDO बताता था जालसाज 11 से 17 मार्च तक पटना में होगा महिला कबड्डी का महामुकाबला, सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन

Darbhanga Raj Pariwar Bhoj: 600 किलो सोना दान करने वाली महारानी कामसुंदरी देवी की बारहवीं पर शाही महाभोज, एक लाख मेहमानों के लिए भव्य आयोजन

दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी की बारहवीं पर ऐतिहासिक महाभोज का आयोजन किया गया। एक लाख मेहमानों के लिए भोजन, पांच लाख मिठाइयां, चांदी के बर्तनों में ब्राह्मण भोज और मिथिला की परंपराओं ने आयोजन को भव्य बना दिया।

22-Jan-2026 04:47 PM

By First Bihar

Darbhanga Raj Pariwar Bhoj: दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी की बारहवीं के अवसर पर गुरुवार को एक ऐतिहासिक और भव्य महाभोज का आयोजन किया गया। यह आयोजन अपनी भव्यता, शाही परंपराओं और सामाजिक संदेश के कारण देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। महाभोज में करीब एक लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है, जबकि बुधवार को श्राद्ध कर्म के दौरान लगभग 50 हजार लोगों को भोजन कराया गया था।


भोज की तैयारियां शाही अंदाज में की गई हैं। कहीं बाल्टियों में दही रखा गया है तो कहीं बड़े-बड़े टब में गुलाब जामुन और रसगुल्ले सजाए गए हैं। इस आयोजन के लिए करीब पांच लाख मिठाइयां विशेष रूप से तैयार की गई हैं। मेहमानों को 56 भोग, पारंपरिक मिथिला व्यंजन और 10 से 12 प्रकार की मिठाइयां परोसी जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार, लगभग 3,000 प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए हैं।


इस महाभोज की खास बात यह रही कि ब्राह्मणों को चांदी की थाली, कटोरी, गिलास, चम्मच और बिस्किट दान में दिए गए। पूरे आयोजन में मिथिला की परंपराओं और मर्यादाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। भोजन पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी है और इसमें महारानी की पसंद के व्यंजनों को प्राथमिकता दी गई है।


इस भव्य आयोजन में देश के कई नामचीन राजघरानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी महाभोज में पहुंचे। उनके साथ साधु-संत और धर्माचार्य भी मौजूद रहे, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और परंपरा से ओतप्रोत नजर आया। आयोजन समिति के सदस्य प्रियांशु झा ने बताया कि ब्राह्मणों के लिए अलग से भोजन की व्यवस्था की गई है और मिथिला की परंपरा के अनुसार हर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। करीब 300 कारीगरों और रसोइयों की टीम इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में जुटी हुई है।


अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का निधन 12 जनवरी को 96 वर्ष की आयु में हुआ था। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं। युवराज कपिलेश्वर सिंह ने इसे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कड़ी सुरक्षा के बीच पारंपरिक विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार मधेश्वरनाथ परिसर में किया गया, जहां दरभंगा राज परिवार के महाराजाओं और महारानियों का अंतिम संस्कार होता रहा है। आज भी दरभंगा राज की विरासत और परंपराएं उसी सम्मान और गौरव के साथ जीवित हैं।


गौरतलब है कि दरभंगा राज परिवार का इतिहास केवल वैभव तक सीमित नहीं रहा है। 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान दरभंगा राज परिवार ने देश को 600 किलो सोना दान में दिया था। इसके साथ ही तीन निजी विमान और 90 एकड़ भूमि वाला एयरपोर्ट भी राष्ट्र को समर्पित किया गया था, जहां आज दरभंगा एयरपोर्ट संचालित है।


news imagenews imagenews image