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24-Feb-2026 09:54 AM
By First Bihar
Bihar Assembly : बिहार विधानसभा का बजट सत्र अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। सत्र के 16वें दिन सदन की कार्यवाही शुरू हुई,इसके बाद सदन के भीतर तीखी बहस और हंगामे के पूरे आसार हैं। राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्षी दल प्रश्नकाल से लेकर शून्यकाल तक इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की रणनीति बना चुके हैं। वहीं सत्ताधारी दल के विधायक भी अपनी सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के मूड में दिखाई दे रहे हैं, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक की संभावना बढ़ गई है।
सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नोत्तर काल में विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों पर संबंधित मंत्रियों द्वारा जवाब दिया जाएगा। इस दौरान विपक्ष कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा। खास बात यह है कि इस बार प्रश्नकाल में विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों ही आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, जिससे सदन का माहौल गरम रहने की संभावना है।
आज के दिन कई महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों को सदन में पेश कर पारित कराने की तैयारी है। सबसे अहम विधेयकों में बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026 शामिल है। विधि विभाग के प्रभारी मंत्री Mangal Pandey इस विधेयक को सदन में प्रस्तुत कर पारित कराने का प्रयास करेंगे। बताया जा रहा है कि मौजूदा सिविल कोर्ट से जुड़ा कानून 100 साल से अधिक पुराना है, जिसे बदलकर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। नए कानून के लागू होने के बाद राज्य के सिविल न्यायालयों की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा बिहार नगर पालिका संशोधन विधेयक 2026 भी आज सदन के पटल पर रखा जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रभारी मंत्री Vijay Kumar Sinha इस विधेयक को पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन के तहत मेयर के चयन की प्रक्रिया में बदलाव किए जाने का प्रावधान है। सरकार का दावा है कि इससे नगर निकायों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बिहार कर्मचारी चयन आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 भी पारित कराने की तैयारी है। इस विधेयक के जरिए आयोग की कार्यप्रणाली में कई अहम बदलाव किए जाएंगे, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके। इसके साथ ही सरकार बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 को भी सदन से पारित कराने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि इन संशोधनों से भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और लंबित पदों को भरने का रास्ता साफ होगा।
प्रश्नकाल के दौरान आज जिन विभागों से जुड़े सवालों के जवाब दिए जाएंगे, उनमें शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, परिवहन विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिक शिक्षा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग, खेल विभाग, युवा विभाग तथा श्रम संसाधन एवं रोजगार कौशल विकास विभाग शामिल हैं।
सत्र के अंतिम चरण में सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक विधायी कार्य निपटाए जाएं, जबकि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के पक्ष में है। ऐसे में 16वां दिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। हंगामे और तीखी बहस के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर फैसला होना तय है, जो आने वाले समय में राज्य की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करेंगे।