मुजफ्फरपुर में हजरत दाता कंबल शाह का 144वां उर्स: पुलिस की चादर जुलूस, अमन-चैन की मांगी दुआ आरा में बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी छपरा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बोले..जन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण
14-Jan-2026 09:04 PM
By First Bihar
PATNA: राज्य में कृषि सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं किसानोन्मुखी बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कृषि विभाग, बिहार के अधीन बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-05 (पौधा संरक्षण) संवर्ग के अंतर्गत पदों के पुनर्गठन एवं अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) से प्राप्त हो गई है।
इस निर्णय के तहत बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-05 (पौधा संरक्षण) संवर्ग अन्तर्गत पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक के 194 पद एवं पौधा संरक्षण निरीक्षक के 99 पद अर्थात कुल 293 अतिरिक्त पदों का सृजन कर पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक के कुल 534 पद एवं पौधा संरक्षण निरीक्षक के कुल 160 पद अर्थात कुल 694 पदों के पुनर्गठन /सृजन की स्वीकृति दी गई है।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह निर्णय राज्य के किसानों के हित में एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी कदम है। पौधा संरक्षण सेवाओं के सुदृढ़ होने से कीट-रोग प्रबंधन, फसल सुरक्षा, उत्पादन लागत में कमी तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके माध्यम से किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उन्होंने आगे कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य एवं कीट-रोगों की बढ़ती चुनौतियों के बीच पौधा संरक्षण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। नई नियुक्तियों एवं पदों के सृजन से जिला एवं प्रखंड स्तर पर विभागीय कार्यों की गति तेज होगी तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।