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25-Feb-2026 09:32 AM
By First Bihar
Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 17वां दिन काफी अहम रहा। सदन में सरकार की ओर से कुल 185 सवालों का जवाब दिया जाना है, जिनमें 180 तारांकित प्रश्न शामिल हैं। तारांकित प्रश्नों पर मंत्रियों को मौखिक जवाब देना होता है, जिससे सदन में बहस और पूरक सवालों की गुंजाइश रहती है।
इसी क्रम में पटना साहिब के विधायक रत्नेश कुमार ने महात्मा गांधी सेतु से जुड़े विस्थापितों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 1971-72 में बने गांधी सेतु परियोजना के दौरान जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, उनमें से 128 विस्थापित परिवारों का अब तक पुनर्वास नहीं हो सका है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इतने वर्षों बाद भी इन परिवारों को बसाने में देरी क्यों हो रही है और पुनर्वास की वर्तमान स्थिति क्या है। इस प्रश्न पर संबंधित विभाग की ओर से जवाब दिया जाना है।
सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में जोरदार हंगामा भी देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे चौकीदारों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया और सरकार इस मामले में संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार नहीं चल सकती।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री Vijay Kumar Choudhary ने जवाब देते हुए कहा कि यदि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की समस्याओं को सुनेगा कौन। उन्होंने विपक्ष पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
इसी दौरान मुख्यमंत्री Nitish Kumar भी खड़े हो गए और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राजद विधायक भाई वीरेंद्र को संबोधित करते हुए कहा, “हमलोग 2002 हैं, आपलोग कितने हैं, बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए। आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया है।” हालांकि मुख्यमंत्री का आशय NDA की सीटों से था, जिसने इस बार 202 सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन उन्होंने गलती से 2002 कह दिया, जिस पर सदन में हल्की मुस्कान भी देखी गई।
मंत्री विजय चौधरी ने आगे कहा कि सरकार प्रदर्शन के खिलाफ नहीं है। यदि सरकार चाहती तो प्रदर्शन को रोका जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि चौकीदार-दफादार की मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।कुल मिलाकर बजट सत्र का यह दिन सवाल-जवाब और तीखी नोकझोंक के बीच बीता। विस्थापितों का मुद्दा और चौकीदारों पर कार्रवाई का मामला आने वाले दिनों में भी सदन में गूंजता रह सकता है।