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Nitish Kumar Oath Ceremony: नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के दौरान कैसी रहेगी ग्रहों की चाल? जानिए.. शुभ मुहूर्त

Nitish Kumar Oath Ceremony: बिहार में बंपर जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 20 नवंबर 2025 को अपने दसवें कार्यकाल के लिए शपथ लेंगे, जिसमें अभिजित और विजय मुहूर्त सहित कई शुभ योग बन रहे हैं।

Nitish Kumar Oath Ceremony
© File
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Nitish Kumar Oath Ceremony: बिहार चुनाव में बंपर जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 20 नवंबर 2025, दिन गुरुवार को एक बार फिर शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं। नीतीश कुमार अब तक 9 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं और इस बार उनका दसवां शपथ ग्रहण होगा।


बिहार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने और दसवीं बार शपथ लेने का उनका रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रहने की संभावना है। उनकी सफल राजनीतिक यात्रा के पीछे गहरी रणनीतिक सोच, मजबूत सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ ग्रह–नक्षत्रों का भी प्रभाव माना जाता रहा है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि 10वीं बार शपथ ग्रहण के दिन कैसा मुहूर्त और कौन-सा योग बन रहा है।


तिथि, योग और नक्षत्र

20 नवंबर 2025 को दोपहर 12:18 बजे तक मार्गशीर्ष मास की अमावस्या तिथि रहेगी, जिसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। इस दिन सुबह 10:58 बजे तक शोभन योग और विशाखा नक्षत्र प्रभावी रहेंगे। उसके बाद अतिगंड योग और अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएंगे। दोपहर 1:20 बजे से 2:46 बजे तक राहुकाल रहेगा, जबकि शाम 4:05 से 5:25 के बीच शुभ समय रहेगा।


मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:28 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:35 बजे तक

जानकारों के मुताबिक, 12:32 बजे से 2:30 बजे तक कुंभ लग्न और अनुराधा नक्षत्र में उत्तम मुहूर्त रहेगा।


अभिजित मुहूर्त का महत्व

अभिजित मुहूर्त लगभग 48 मिनट का होता है और इसमें कई प्रकार के दोष स्वतः शांत हो जाते हैं। किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य के लिए इसे अत्यंत अनुकूल माना जाता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक समय को 15 बराबर भागों में बांटा जाता है, जिनमें से मध्य भाग को अभिजित मुहूर्त कहा जाता है, और यह आठवें स्थान पर आता है। 


विजय मुहूर्त

विजय मुहूर्त दिन में किसी भी समय शुरू हो सकता है और यह लगभग दो घंटे का होता है। इस मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों में सफलता और विजय मिलने की संभावना अधिक रहती है। प्रतियोगिता, संघर्ष या महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है। 

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता