1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 03, 2026, 11:44:24 AM
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Bihar News: अगर आपके घर का बिजली बिल लंबे समय से बकाया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बिहार में बिजली वितरण कंपनियों ने बकाया राशि की वसूली के लिए अब सख्त रुख अपना लिया है। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने लगभग 13 हजार करोड़ रुपये के भारी बकाये की वसूली के लिए व्यापक अभियान चलाने का फैसला किया है।
होली का त्योहार समाप्त होते ही पूरे राज्य में “डिस्कनेक्शन अभियान” तेज कर दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने महीनों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है, उनके कनेक्शन काटने में अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
10 लाख से अधिक उपभोक्ता डिफॉल्टर
जानकारी के अनुसार, पोस्टपेड मीटर वाले 10 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया है। कंपनियों ने साफ कहा है कि यदि कोई उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ है, तो वह अपने क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता (EE) से संपर्क कर किस्तों में भुगतान की सुविधा ले सकता है। लेकिन बिना सूचना और बिना किसी पहल के बकाया रखने वालों के खिलाफ सीधे कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
बिजली कंपनियों की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बकाया राशि पर प्रति माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया जा रहा है। यानी सालाना लगभग 18 प्रतिशत अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है। कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ता को न केवल पूरा बकाया चुकाना होगा, बल्कि डिस्कनेक्शन और री-कनेक्शन शुल्क भी अलग से देना पड़ेगा।
किस्त और छूट का विकल्प भी उपलब्ध
आर्थिक तंगी झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत का प्रावधान भी रखा गया है। जो लोग पूरा बिल एक साथ जमा नहीं कर सकते, वे आवेदन देकर किस्त की सुविधा ले सकते हैं। इसके अलावा समय पर भुगतान करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए छूट भी दी जा रही है।
यदि बिल जारी होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान किया जाता है, तो 1.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं ऑनलाइन भुगतान करने पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार तीन महीने तक समय पर भुगतान करने पर भी विशेष रियायत का प्रावधान किया गया है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर की विशेष जांच
राज्य में लगे 86 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए भी विभाग ने सघन जांच की तैयारी की है। खासतौर पर उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, जहां मीटर बाईपास कर बिजली चोरी की आशंका है। इसके लिए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर पर विशेष मीटर लगाए जा रहे हैं, जिनसे ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी।
यदि बिजली खपत और बिलिंग में अंतर पाया गया, तो 31 मार्च तक सख्त कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 25 पैसे की छूट मिलती रहेगी, लेकिन किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।