ब्रेकिंग
शपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनल

Karwa Chauth 2025: कब है करवा चौथ? जान लें सही तारीख और चांद निकलने का समय

Karwa Chauth 2025: एक दिन, एक व्रत और एक चांद... लेकिन इस बार तारीख पर हैं सस्पेंस! जानें पूजा का सही दिन, मुहूर्त और चंद्रोदय का समय।

Karwa Chauth 2025
करवा चौथ 2025
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ का व्रत हर सुहागिन महिलाओं के लिए खास व्रत में से एक है, तीज की भांति महिलाएं अपनी पति के लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तीथि को किया जाता है। इस बार करवा चौथ 2025 को लेकर तारीख को लेकर थोड़ा भ्रम बना हुआ था कि यह व्रत 9 अक्टूबर को होगा या 10 अक्टूबर को। पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा। यह व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा को देखकर व्रत खोलती हैं।


इस बार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर की रात 10:54 बजे से हो रही है और इसका समापन 10 अक्टूबर की शाम 7:38 बजे होगा। इसलिए व्रत 10 अक्टूबर को ही रखा जाएगा। पूजा का शुभ समय सुबह 5:16 बजे से शाम 6:29 बजे तक रहेगा। वहीं, चंद्रमा का उदय शाम 7:42 बजे होगा, जिसके बाद व्रत खोला जाएगा।


पूजा के समय महिलाएं चौथ माता की पूजा करती हैं और रात को चांद निकलने पर चलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा को देखती हैं और फिर अपने पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद करवे से चंद्रमा को जल चढ़ाया जाता है और पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तुड़वाता है।


करवा चौथ की पूजा के लिए कुछ खास सामग्री की आवश्यकता होती है, जैसे फूल, चुनरी, कच्चा दूध, दही, घी, मिठाई, सिंदूर, मेहंदी, चूड़ियां, बिंदी, बिछुए, महावर, कंघी, और पूजन थाली। इन सभी चीजों के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इससे अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है। चंद्रमा को देखने और उसकी पूजा करने से मन को शांति मिलती है और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

संबंधित खबरें