ब्रेकिंग
पाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीBihar News : “मटन खाने से किया इनकार… फिर युवक पर बरसी लाठी-टांगी, बिहार के इस जिले में में अजीब विवाद2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशपाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास बड़ा धमाका, अबतक 23 की मौत; 47 लोग घायलWHO ने इबोला को घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरीBihar News : “मटन खाने से किया इनकार… फिर युवक पर बरसी लाठी-टांगी, बिहार के इस जिले में में अजीब विवाद2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिश

'वो ज्ञानवापी, साक्षात विश्वनाथ जी हैं...,' इसे मस्जिद कहना दुर्भाग्‍य; CM योगी का बड़ा बयान

DESK : मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने ज्ञानवापी विवाद को लेकर एक बार फिर अपनी बात रखी। गोरखपुर विश्‍वविद्यालय में नाथ पंथ पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी मे

'वो ज्ञानवापी, साक्षात विश्वनाथ जी हैं...,' इसे मस्जिद कहना दुर्भाग्‍य; CM योगी का बड़ा बयान
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

DESK : मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने ज्ञानवापी विवाद को लेकर एक बार फिर अपनी बात रखी। गोरखपुर विश्‍वविद्यालय में नाथ पंथ पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी में उन्‍होंने कहा कि दुर्भाग्‍य से उस ज्ञानवापी को आज लोग दूसरे शब्‍दों में मस्जिद कहते हैं लेकिन वास्‍तव में ज्ञानवापी साक्षात विश्‍वनाथ जी हैं। यही विश्‍वनाथ धाम है। 


सीएम योगी ने कहा कि भारत के लिए अस्‍पृश्‍यता एक अभिशाप है। यह न केवल साधना के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है बल्कि राष्‍ट्र की एकता और अखंडता के लिए भी सबसे बड़ी बाधा है। इस बात को यदि देश के लोगों ने समझा होता तो देश गुलाम नहीं होता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान गुरुवार को ज्ञानवापी पर वाराणसी कोर्ट के फैसले के बाद आया है। 


वहीं, वाराणसी की एक अदालत ने हिंदू पक्ष द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। जिसमें स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाने की मरम्मत करने का आदेश देने का अनुरोध किया गया था। वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट परिसर के स्थानीय संरक्षक हैं। सिविल जज सीनियर डिवीजन हितेश अग्रवाल की अदालत ने गुरुवार को तहखाने में चल रही पूजा गतिविधियों को बरकरार रखा और मुस्लिम पक्ष द्वारा उठाई गई आपत्तियों और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित चुनौती को ध्यान में रखा। 


यादव ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद 31 जनवरी को व्यास जी के तहखाने में पूजा फिर से शुरू हो गई, जिससे भक्तों को स्थापित मूर्तियों के दर्शन करने की अनुमति मिल गई। हालांकि, हिंदू पक्ष ने इसकी पुरानी और कमजोर छत के कारण तहखाने की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की और मरम्मत कार्य के लिए अदालत से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि मुस्लिम श्रद्धालुओं के छत पर चलने से इमारत गिरने का खतरा हो सकता है, इसलिए उन्होंने मांग की कि छत और खंभों की मरम्मत की जाए।