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‘BIADA की लापरवाही से उद्यमियों का टूट रहा विश्वास’, VIP नेता देव ज्योति ने उठाए गंभीर सवाल

Bihar Politics: वीआईपी नेता देव ज्योति ने BIADA की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वैधानिक और न्यायालयीय आदेशों के बावजूद उद्यमियों को जमीन का कब्जा नहीं मिल रहा है।

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: वीआईपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि वैधानिक आदेशों एवं न्यायालयीय निर्देशों के बावजूद उद्यमियों को न्याय नहीं मिल पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।


उन्होंने कहा कि कंपनी मेसर्स जय माता दी कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड को वर्ष 2012 में पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र, पटना में एक स्टार होटल परियोजना की स्थापना हेतु भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन आज तक भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं सौंपा गया।


देव ज्योति ने बताया कि आवंटित भूमि का एक हिस्सा PHED के अवैध कब्जे में होने के कारण BIADA द्वारा न तो आवंटन पत्र दिया गया और न ही भूमि का हस्तांतरण किया गया। इस मामले को लेकर पटना उच्च न्यायालय एवं बिहार सरकार के उद्योग विभाग की अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। 


अंततः दिनांक 27 अगस्त 2021 को उद्योग विभाग, बिहार के अपर मुख्य सचिव द्वारा पारित आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि BIADA तीन माह के भीतर भूमि का खाली कब्जा उपलब्ध कराए अथवा समान क्षेत्रफल का वैकल्पिक भूखंड उपलब्ध कराए।


उन्होंने कहा कि स्पष्ट आदेशों के बावजूद आज तक न तो कब्जा दिया गया और न ही वैकल्पिक भूखंड उपलब्ध कराया गया। इससे कंपनी को भारी आर्थिक क्षति, मानसिक उत्पीड़न तथा प्रस्तावित निवेश एवं रोजगार सृजन की योजनाओं में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई है।


देव ज्योति ने कहा कि बिहार सरकार लगातार निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों की उदासीनता निवेशकों का विश्वास कमजोर कर रही है। उन्होंने उद्योग मंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर BIADA को आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की, ताकि बिहार में उद्योग और निवेश के अनुकूल वातावरण कायम रह सके।


उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन उद्यमियों की समस्याओं के समाधान में तत्परता नहीं दिखाएंगे, तो राज्य में निवेश आकर्षित करना कठिन हो जाएगा। साथ ही उन्होंने बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर उद्यमियों के हितों की रक्षा करने की अपील की। इस मामले का एक पत्र देव ज्योति ने आज उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह को दिया है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता