Thalapathy Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलापति विजय की पत्नी संगीता ने तलाक की याचिका वापस ले ली है। इसके साथ ही यह मामला कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। संगीता ने शुक्रवार को चेंगलपट्टू के पास स्थित फैमिली कोर्ट में दायर अपनी तलाक याचिका वापस लेने का फैसला किया।
सुनवाई के दौरान संगीता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश हुईं। उन्होंने कोर्ट को अपनी याचिका पर आगे कार्यवाही नहीं करने के कारण बताए। इसके बाद अदालत ने याचिका को वापस लिया हुआ मानते हुए मामले का निपटारा कर दिया। अदालत के आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
इससे पहले संगीता ने अपनी याचिका में विजय पर एक अभिनेत्री के साथ विवाहेतर संबंध होने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें मानसिक प्रताड़ना, उपेक्षा और भावनात्मक दूरी का सामना करना पड़ा। याचिका में उन्होंने यह भी कहा था कि जरूरत पड़ने पर संबंधित अभिनेत्री को मामले में दूसरी प्रतिवादी के रूप में शामिल किया जा सकता है।
संगीता ने विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत तलाक की मांग करते हुए कहा था कि उनका वैवाहिक संबंध पूरी तरह टूट चुका है और इसे दोबारा बहाल करने की कोई संभावना नहीं है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2021 से विजय उनसे भावनात्मक रूप से दूर हो गए थे और उनके व्यवहार से उन्हें मानसिक परेशानी हुई।
याचिका के अनुसार, संगीता और विजय का विवाह 10 जुलाई 1998 को ब्रिटेन में रजिस्टर्ड हुआ था। इसके बाद 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में पारंपरिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। संगीता श्रीलंकाई तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं और शादी से पहले विजय की प्रशंसक थीं। दोनों की मुलाकात के बाद उनका रिश्ता आगे बढ़ा और बाद में दोनों ने शादी कर ली।
विवाह के बाद संगीता कई वर्षों तक विजय के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती रहीं और उनके पारिवारिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहीं। दोनों के दो बच्चे हैं। उनके बेटे का नाम जेसन संजय और बेटी का नाम दिव्या साशा है। जेसन संजय फिल्म प्रोडक्शन में रुचि रखते हैं, जबकि दिव्या साशा भी कई मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दे चुकी हैं।
करीब 27 साल की शादी के बाद विजय और संगीता के रिश्ते में दूरी की खबरें सामने आई थीं। वर्ष 2026 में संगीता की ओर से चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर किए जाने की खबर सामने आई थी। हालांकि, अब याचिका वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले को समाप्त कर दिया है।
इस पूरे मामले को लेकर विजय की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इस बीच विजय अपने राजनीतिक करियर में सक्रिय रहे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनके निजी जीवन को लेकर चर्चा होती रही।





