Bihar News: बिहार की राजनीति में कंस की चर्चा शुरू हो गई है. ऐसा कंस जो वैश्य नेताओं की राजनैतिक हत्या कर रहा. भाजपा की पूर्व सांसद रमा देवी के इस खुलासे के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि,आखिर उन्होंने मोतिहारी के किस बड़े ताकतवर नेता को कंस की संज्ञा दी है.
रमा देवी की नजर में कौन नेता हैं कंस ?
मोतिहारी में कंस बैठा है. जो वैश्य समाज के लोगों को खत्म कर रहा है. शिवहर की पूर्व सांसद व भाजपा की वरिष्ठ नेत्री रमा देवी का मोतिहारी से इस घोषणा के बाद चर्चा शुरू हो गई है. उन्होंने यह बात तब कही जब मंच पर बेतिया के भाजपा सांसद संजय जायसवाल, सम्राट कैबिनेट में मंत्री रामचंद्र प्रसाद, जेडीयू विधायक विशाल साह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक पवन जायसवाल मौजूद थे. मोतिहारी में बलभद्र पूजा के दौरान 2024 में शिवहर लोकसभा सीट से चौथी बार चुनाव लड़ने से वंचित की जाने वाली रमा देवी ने यह खुलासा किया.
वैश्य समाज के कार्यक्रम में बोलीं रमा देवी
भगवान बलभद्र एवं श्री सहस्रार्जुन पूजन महोत्सव के मंच से पूर्व सांसद रमा देवी के एक बयान ने मोतिहारी की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। वैश्य समाज के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए रमा देवी ने कृष्ण-बलराम और कंस का उदाहरण देकर बिना नाम लिए किसी बड़े नेता या विरोधी पर निशाना साधा। रमा देवी ने मंच से कहा कि “मोतिहारी में एक कंस बैठा है, जो हमारे समाज के एक-एक लोगों को खत्म कर रहा है।” उन्होंने समाज के लोगों को सचेत और जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान को बचाने के लिए सभी को एकजुट रहना होगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में समाज के लोगों को “एकजुट होकर कृष्ण और बलराम की तरह कंस को खत्म करना होगा।” साथ ही उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “हम लोग चुप रहने वाले नहीं हैं।”
कौन है मोतिहारी का वो कंस ?
रमा देवी के इस बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर मोतिहारी का वह ‘कंस’ कौन है, जिसका उन्होंने मंच से जिक्र किया? हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया और यह भी स्पष्ट नहीं किया कि उनके निशाने पर कौन है।
...तो इशारों में राधामोहन सिंह पर है हमला?
बता दें, भारतीय जनता पार्टी ने 2009 में रमा देवी को शिवहर लोकसभा सीट से टिकट दिया था. इसके बाद ये 2024 तक लगातार शिवहर से सांसद रहीं. 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने सीटिंग सांसद रमा देवी को बेटिकट कर दिया. पार्टी ने अपनी सीटिंग सीट सहयोदी दल जेडीयू के खाते में डाल दी. जिससे तत्कालीन सांसद रमा देवी भारी नाराज भी हुई थी. रमा देवी वैश्य जाति से आती हैं. लिहाजा इस जाति के वोटर्स भाजपा के इस निर्णय से खासे नाराज हुए थे. बड़ी मुश्किल से इस जाति के वोटर माने. तब कहा गया था कि, रमा देवी के साथ खेल कर दिया. अपरोक्ष तौर पर मोतिहारी सांसद राधामोहन सिंह निशाने पर आए थे.
राधामोहन सिंह को हरा चुकी हैं रमा देवी
वैसे बता दें, मोतिहारी सीट पर रमा देवी और राधामोहन सिंह के बीच भी टक्कर हुई थी. रमा देवी ने वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में मोतिहारी सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार राधा मोहन सिंह को हराया था और पहली बार संसद पहुँची थीं .इसके बाद वह 2009 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं और 2009, 2014 तथा 2019 में शिवहर लोकसभा सीट से लगातार सांसद चुनी गईं .





