Vande Mataram Bill: संसद ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक पारित कर दिया है। गुरुवार को लोकसभा ने विपक्ष के विरोध और शोर-शराबे के बीच 'द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026' को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
इससे एक दिन पहले यह विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो चुका था। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि वंदे मातरम् सिर्फ एक राष्ट्रीय गीत नहीं है बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और राष्ट्रभावना का अमर प्रतीक है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, “वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रीय गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और राष्ट्रभावना का अमर प्रतीक है। देश की संसद से 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' का पारित होना भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय सम्मान को और अधिक सशक्त बनाने वाला एक ऐतिहासिक कदम है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण प्रदान कर राष्ट्रीय अस्मिता के सम्मान का एक नया अध्याय लिखा है। यह निर्णय हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान को और सुदृढ़ करेगा तथा आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और प्रबल बनाएगा।”
बता दें कि यह संशोधन राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में बदलाव करता है। वर्तमान कानून के तहत संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का अपमान दंडनीय अपराध है। नए संशोधन के लागू होने के बाद राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को भी इसी कानूनी संरक्षण के दायरे में शामिल किया जाएगा। कानून लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति वंदे मातरम के गायन के दौरान जानबूझकर अपमान, बाधा या व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ अधिकतम तीन वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान होगा।





