1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 16, 2026, 12:45:04 PM
मांझी ने दे दिया गच्चा! - फ़ोटो Reporter
Rajya Sabha Chunav: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए सुबह से ही वोटिंग जारी है। पक्ष और विपक्ष के विधायक बारी बारी से वोट डाल रहे हैं। पांच सीटों में चार पर एनडीए की जीत पक्की मानी जा रही है हालांकि पांचवीं सीट पर पेंच फंसता दिख रहा है। वोटिंग के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने बीजेपी को सकते में डाल दिया है। जीतनराम मांझी की बहू और समधन तेजस्वी यादव के कार्यालय से निकलती नजर आईं हैं। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सीट नहीं मिलने से नाराज मांझी ने बड़ा खेल कर दिया है?
दरअसल, राज्यसभा चुनाव में बिहार की पांच सीटों पर जेडीयू से दो, बीजेपी से दो और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। एनडीए की चार सीटों पर जीत तो तय मानी जा रही है लेकिन पांचवीं सीट पर कड़ी टक्कर देखी जा रही है। पांचवीं सीट पर आरजेडी ने उम्मीदवार को उतार कर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। विधानसभा में जारी वोटिंग के बीच एनडीए में शामिल हम की दो विधायक तेजस्वी यादव के कार्यालय से निकलती दिखीं।
वे दो विधायक कोई और नहीं बल्कि जीतनराम मांझी की बहू दीपा मांझी और जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी शामिल हैं। वोटिंग के दौरान दोनों हम विधायक विपक्ष के अन्य विधायकों के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कार्यालय से बाहर निकलती दिखीं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या राज्यसभा की एक सीट नहीं मिलने से मांझी नाराज हो गए हैं और एनडीए के साथ बड़ा खेल कर दिया है?
बिहार में राज्यसभा चुनाव में जमकर सियासी खेल देखने को मिल रहा है। इस बीच जीतन राम मांझी की पार्टी की दो महिला विधायक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कमरे से महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी और AIMIM के विधायकों के साथ निकलकर वोटिंग के लिए जाते हुए दिखाई दीं।#Bihar… pic.twitter.com/nahQaZWqKe
— FirstBiharJharkhand (@firstbiharnews) March 16, 2026
बता दें कि राज्यसभा चुनाव में सीटों को लेकर एनडीए में चल रही गहमागहमी के बीच हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी लगातार बीजेपी को उसके पुराने वादे की याद दिला रहे थे। मांझी राज्यसभा की एक सीट पर पूरी मजबूती के साथ दावा ठोक रहे थे औ कहा था कि हम तो बीजेपी से एक सीट की मांग करेंगे लेकिन देना और नहीं देना उनके ऊपर निर्भर है।
राज्यसभा सीट को लेकर नाराजगी की बातों को खारिज करते हुए जीतन राम मांझी ने तब कहा था कि मैं नाराज नहीं हू लेकिन सिर्फ इतना कहता हूं कि हमको कहा गया था कि लोकसभा की दो सीट और राज्यसभा की एक सीट दी जाएगी और इसे पत्थर की लकीर कहा गया लेकिन लोकसभा की सिर्फ एक सीट मिली।
मांझी ने कहा था कि मैं उनसे नहीं मांगूंगा कि हमको राज्यसभा की सीट दीजिए लेकिन आपने कहा था, आप अपने वचन के आधार पर सोचिए। अगर देना चाहें तो ठीक और नहीं देना चाहें तो भी ठीक लेकिन आपने वादा किया था, इसको हमेशा कहते रहेंगे।