ब्रेकिंग
PG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकीBihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहरावमुंबई में तेज रफ्तार BMW फ्लाईओवर से नीचे गिरी, 3 युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीरBihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभागPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकीBihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहरावमुंबई में तेज रफ्तार BMW फ्लाईओवर से नीचे गिरी, 3 युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीरBihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभाग

शर्मसार हुई बिहार विधानसभा: सदन में विधायकों पर चीख-चिल्ला रहे थे मुख्यमंत्री नीतीश-अरे तुम बोलेगा, भगवाओ सबको, निकालो

PATNA: अपने 100 साल से ज्यादा के इतिहास में बिहार विधानसभा ने आज जैसा नजारा पहले कभी नहीं देखा होगा. सदन में खड़े होकर मुख्यमंत्री विधायकों पर चिल्ला रहे थे. अरे तुम बोलेगा...

शर्मसार हुई बिहार विधानसभा: सदन में विधायकों पर चीख-चिल्ला रहे थे मुख्यमंत्री नीतीश-अरे तुम बोलेगा, भगवाओ सबको, निकालो
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: अपने 100 साल से ज्यादा के इतिहास में बिहार विधानसभा ने आज जैसा नजारा पहले कभी नहीं देखा होगा. सदन में खड़े होकर मुख्यमंत्री विधायकों पर चिल्ला रहे थे. अरे तुम बोलेगा...भगवाओ सब को, निकालो. चीख-चीख कर बोल रहे मुख्यमंत्री की जुबान से सिर्फ तू-तड़ाक ही निकल रहा था. ये वही सदन है जिसमें किसी विधायक को सिर्फ विधायक नहीं बल्कि माननीय विधानसभा सदस्य कह कर संबोधित किया जाता है. बिहार के मुख्यमंत्री का ये रूप तब सामने आया जब सदन में छपरा में जहरीली शराब से 20 लोगों की मौत का मामला उठा। 


ऐसे शुरू हुआ मामला

दरअसल बिहार के छपरा में जहरीली शराब से 20 लोगों की मौत हो गई है. जहरीली शराब पीने से बीमार पड़े कई लोगों का इलाज चल रहा है. जहरीली शराब से मौत को लेकर BJP ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया. बुधवार को जैसे ही बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही बीजेपी के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया. बीजेपी के विधायक वेल में आ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. उनका आरोप था कि जहरीली शराब से मौत के लिए नीतीश कुमार औऱ उनकी सरकार जिम्मेवार है।


सदन में जहरीली शराब को लेकर बीजेपी के विधायकों का हंगामा चल रहा था कि अचानक से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट पर खड़े हो गये. सदन की परंपरा होती है कि विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से ही कुछ भी बोला जा सकता है. लेकिन नीतीश खुद उठ खड़े औऱ अचानक से जोर-जोर से चीखना शुरू किया. वह भी तब जब विधानसभा अध्यक्ष विपक्षी विधायकों को अपनी बात कह रहे थे. 


नीतीश कुमार ने उसी बीच खड़े होकर भाजपा विधायकों को चीख चीख कर क्या सब कहा ये देखिये “क्या हो गया, क्या हो गया. अरे...तुम बोल रहे हो...जहरीली शराब...इसका मतलब है कि तुम्हीं लोग गड़बड़ करा रहे हो...शराबी हो गया है तुम लोग...अच्छा किया जो तुम लोग को छोड़ दिया.”


नीतीश की जुबान मर्यादाओं को लांघ रही थी. सदन में शोर शराबे के कारण उनकी बहुत सारी बातें प्रेस गैलरी तक नहीं पहुंच पा रही थीं. लेकिन जो कुछ सुनने को मिला वह देखिये “ऐ….सब को भगवाओ यहां से. तुम शराब के पक्ष में बोल रहे हो.…अब तो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे….  शराबी हो गया तुमलोग…इतना गंदा है….अब टॉलरेट नहीं किया जायेगा…..अब जो तुम लोग कर रहे हो…..ये पूरे बिहार में चलेगा…तुम लोग शराब के पक्ष में हो गया. “


विधानसभा अध्यक्ष को हुक्म दे रहे थे नीतीश?

विधानसभा हो या संसद, अध्यक्ष के पास ही सारे अधिकार होते हैं. लेकिन सदन में खड़े होकर बिहार के मुख्यमंत्री विपक्षी विधायकों पर चीख रहे थे-सब को भगवाओ यहां से...निकालिये. सदन से किसी को निकालने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को हो ही होता है. जाहिर है नीतीश जो कह रहे थे उसका मतलब यही था कि वे विधानसभा अध्यक्ष को ही आदेश दे रहे थे।


हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने बीजेपी विधायकों को सदन से निकाला नहीं. बीजेपी के विधायक जहरीली शराब को लेकर सदन में प्लेकार्ड लहरा रहे थे. अध्यक्ष ने मार्शल को बुलाकर उन प्ले कार्ड को हटवाया. हंगामे के कारण बाद में सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी।


बता दें कि सदन के हर सत्र में जमसमस्याओं को लेकर विपक्षी विधायकों का हंगामा आम बात है. विधानसभा के हर सत्र में ऐसे हंगामे होते आये हैं. लेकिन किसी मुख्यमंत्री का इस तरह से चीखना-चिल्लाना, मर्यादा की रेखा लांघ जाना, विधानसभा ने शायद पहली बार देखा होगा।