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संजय करोल ने जातीय जनगणना पर सुनवाई से खुद को किया अलग, बोले ... HC में रहा था पक्षकार

PATNA : बिहार में जातिगत गणना से रोक हटेगी या नहीं यह आज सुप्रीम में सुनवाई के बाद तय हो जाएगा। लेकिन इससे पहले अब जो बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है उसके मुताबिक इस मामले

संजय करोल ने जातीय जनगणना पर सुनवाई से खुद को किया अलग, बोले ... HC में रहा था पक्षकार
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : बिहार में जातिगत गणना से रोक हटेगी या नहीं यह आज सुप्रीम में सुनवाई के बाद तय हो जाएगा। लेकिन इससे पहले अब जो बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है उसके मुताबिक इस मामले में के न्यायाधीश संजय करोल खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है। उन्होंने इसके पीछे की वजह भी बताया है।


दरअसल, आज सुप्रीम कोर्ट में जाति आधारित गणना पर पटना हाईकोर्ट की तरफ से लगाए गए रोक को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। इस सुनवाई से पहले इस मामले में जज के रूप में शामिल संजय करोल में  खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में जब हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी तो  वह पहले से इससे संबंधित कुछ मुकदमों में पक्षकार थे। इसलिए अब वह सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई नहीं कर सकते हैं।


जानकारी हो कि, पटना हाईकोर्ट ने बिहार में हो रही जातीय गणना पर 3 जुलाई तक के लिए रोक लगा दी थी। अपने आदेश में पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि जितना डाटा जमा हो चुका है उसे सुरक्षित रखा जाए। जिसके बाद राज्य सरकार ने 3 जुलाई की सुनवाई को जल्द कराने की अपील को लेकर पटना हाईकोर्ट में पिटीशन दायर की थी, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। तब बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। बिहार सरकार ने इस अंतरिम रोक को हटाने की मांग के साथ याचिका दायर की है और इस मसले पर जल्द सुनवाई की अपील की गई है। जिसपर अब आज यानि बुधवार को सुनवाई होगी।


आपको बताते चलें कि, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में तीसरी बार पहुंचा है। इसके पहले दो बार जातीय गणना को असंवैधानिक करार देने की याचिकाओं को बार सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का मसला बताया था। इससे दोनों बार बिहार सरकार को राहत मिली थी। इस बार पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।