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पटना जलप्रलय के लिए बलि का बकरा तलाश रहे नीतीश, 14 अक्टूबर को बुलायी बैठक

PATNA: पटना में जल प्रलय के लिए कसूरवार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए भाजपा के प्रेशर से सकते में पड़े नीतीश कुमार बलि का बकरा तलाश रहे हैं. नीतीश कुमार ने इस मामले की समीक्षा

FirstBihar
Manish Kumar
3 मिनट

PATNA: पटना में जल प्रलय के लिए कसूरवार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए भाजपा के प्रेशर से सकते में पड़े नीतीश कुमार बलि का बकरा तलाश रहे हैं. नीतीश कुमार ने इस मामले की समीक्षा के लिए 14 अक्टूबर को बैठक बुलायी है. बैठक में इसका पता लगाया जायेगा कि आखिरकार किसने चूक की. साथ में यह भी रणनीति बनेगी कि फिर ऐसी चूक न हो.

नीतीश ने बुलायी बैठक

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि सरकार पटना में हुई त्रासदी के सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी. सबसे पहले ये पता लगाया जायेगा कि किस लेवल पर चूक हुई. फिर जो भी अधिकारी दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी. मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्तर पर 14 अक्टूबर को बैठक बुलायी गयी है. इसमें सभी बातों पर चर्चा होगी. ये पता लगाया जायेगा कि पटना में ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई और फिर आगे की रणनीति तैयार की जायेगी. सरकार ये तय करेगी कि भविष्य में पटना में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो. सभी इलाकों से पानी की निकासी की ठोस योजना बनायी जायेगी.

बलि का बकरा तलाश रही सरकार

पटना में हुए जल प्रलय में सरकारी लापरवाही साफ दिख रही है. मौसम विभाग कागजात जारी कर चुका है कि 19 सितंबर से ही उसने लगातार सरकार को सतर्क किया कि पटना में भीषणतम बारिश हो सकती है. इसके बावजूद सरकार सोयी रही. सरकार का नगर विकास विभाग से लेकर आपदा प्रबंधन विभाग खामोशी से प्रलय का इंतजार करता रहा. वाहनों की चेकिंग के लिए सड़क पर दौड़-दौड़ कर गाड़ी पकड़ने वाले पटना के कमिश्नर ऑस्ट्रेलिया निकल लिये. नीतीश की खास पसंद माने जाने वाले डीएम को भी कोई फिक्र नहीं हुई. 


लिहाजा शहर के नाले कीचड़ से भरे थे, 80 फीसदी संप हाउस बंद पड़े थे और राहत-बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया था. लेकिन इन विभागों में अहम पदों पर बैठे तमाम अधिकारी सरकार की नाक के बाल हैं. सत्ता के गलियारे के लोग जानते हैं कि जिन अधिकारियों के दामन पर दाग लगे हैं वे सभी नीतीश कुमार की व्यक्तिगत पसंद हैं. उनकी पोस्टिंग में मुख्यमंत्री के अलावा किसी की कोई भूमिका नहीं रही है. डायरेक्ट सीएम से संपर्क रखने वालों पर कार्रवाई होने का सवाल ही नहीं उठता है. ऐसे में निचले स्तर के अधिकारियों की तलाश की जा रही है. सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करके अपना काम पूरा कर लेने के मूड में है.


बीजेपी के प्रेशर में कार्रवाई

सरकार की ये कार्रवाई भी बीजेपी के प्रेशर में हो रही है. दरअसल बीजेपी बार बार ये कह रही है कि पटना में आयी आफत लापरवाह अधिकारियों की देन है. सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी ही पड़ेगी.बलि का बकरा ढ़ूंढने की कवायद भी बीजेपी के प्रेशऱ में ही हो रही है.

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