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PATNA : खान एवं भू-तत्व विभाग ने राजस्व संग्रह में सुस्ती दिखाने वाले जिलों को लेकर काफी सख्त हो गया है। विभाग ने 11 खनिज विकास पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि महीने

नीतीश सरकार का बिहार में एक्शन, इन 11 जिलों के अफसरों को दी वार्निंग; अगर 1 महीने के अंदर...
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : खान एवं भू-तत्व विभाग ने राजस्व संग्रह में सुस्ती दिखाने वाले जिलों को लेकर काफी सख्त हो गया है। विभाग ने 11 खनिज विकास पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि महीने के अंत तक राजस्व संग्रह की स्थिति नहीं सुधरी तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तो होगी साथ ही उनका वेतन भी रोका जाएगा।


खान एवं भू-तत्व विभाग के निदेशक नैय्यर इकबाल की अध्यक्षता में हाल ही में जिलों के राजस्व संग्रह की समीक्षा की गई। जिसमें यह बात सामने आई है कि 3662 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध जिलों ने फरवरी के अंत तक 1951 करोड़ रुपये का संग्रह किया है। जिन जिलों का प्रदर्शन संग्रहण में सबसे ज्यादा खराब है वे हैं जमुई, जहानाबाद, नालंदा, बांका, औरंगाबाद, मुंगेर, कैमूर, गया, नवादा, भागलपुर और किशनगंज।


जमुई की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इस जिले ने पूरे वर्ष के दौरान करीब 173 करोड़ के लक्ष्य के विरूद्ध 11 करोड़ रुपये ही वसूले हैं। अन्य 10 जिलों का प्रदर्शन जमुई की अपेक्षाकृत ठीक है लेकिन इनकी उपलब्धि भी 25 से 45 प्रतिशत के बीच ही है। राजस्व संग्रह की इस स्थिति से नाराज निदेशक ने संबंधित जिलों से इसका स्पष्टीकरण तो मांगा ही है उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि महीने के अंत तक निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करें अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ वेतन रोकने के आदेश भी दिए जाएंगे।