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जातीय जनगणना को भूल गये नीतीश को तेजस्वी देंगे रिमाइंडर: कल सीएम से पूछेंगे-आपने अब तक क्या किया?

PATNA: दो महीने पहले की बात है जब नीतीश कुमार के लिए सबसे बड़ा मुद्दा जातिगत जनगणना था. नीतीश से लेकर जेडीयू का हर नेता सिर्फ और सिर्फ जातिगत जनगणना की ही बात कर रहा था. लेकिन बिहा

जातीय जनगणना को भूल गये नीतीश को तेजस्वी देंगे रिमाइंडर: कल सीएम से पूछेंगे-आपने अब तक क्या किया?
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: दो महीने पहले की बात है जब नीतीश कुमार के लिए सबसे बड़ा मुद्दा जातिगत जनगणना था. नीतीश से लेकर जेडीयू का हर नेता सिर्फ और सिर्फ जातिगत जनगणना की ही बात कर रहा था. लेकिन बिहार में जैसे ही विधानसभा की दो सीटों पर उप चुनाव का एलान हुआ वैसे ही जेडीयू का मुद्दा ही हवा हो गया. अब तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री से सवाल पूछने जा रहे हैं. गुरूवार को वे नीतीश कुमार से मिलकर पूछेंगे कि जातिगत जनगणना पर बिहार सरकार के स्टैंड का क्या हुआ।


जातिगत जनगणना को क्यों भूल गये नीतीश

हम आपको जुलाई से लेकर सितंबर की शुरूआत तक का बिहार का राजनीतिक घटनाक्रम याद दिला दें. जातिगत जनगणना नीतीश कुमार औऱ उनकी पार्टी के लिए सबसे बडा मुद्दा था. नीतीश ने पहले मीडिया में बयान दिया, फिर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और आखिर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिल भी आये. उसी दौरान उनके सांसदों ने प्रधानमंत्र को पत्र लिखा, जेडीयू के सारे सांसद गृह मंत्री अमित शाह से मिल आये. जेडीयू की राष्ट्रीय पर्षद की बैठक पटना में हुई तो पार्टी के सीनियर नेताओं ने जातिगत जनगणना नहीं होने पर पूरे देश में सड़क पर उतरने तक का एलान किया. 


लेकिन सितंबर में बिहार में विधानसभा की दो सीटों पर उप चुनाव हुआ, फिर नीतीश इस मसले को ऐसे भूले जैसे ये कोई मुद्दा ही नहीं था. हालांकि मीडिया ने जब पूछा था तो नीतीश ने कहा था कि वे उप चुनाव के बाद फिर से इस मसले पर बात करेंगे. लेकिन उपचुनाव के बीते भी एक महीना हो गया है. हालांकि कुछ दिनों पहले फिर से नीतीश कुमार ने कहा था कि वे जल्द ही जातिगत जनगणना पर सर्वदलीय रायशुमारी करेंगे औऱ फैसला लेंगे. लेकिन उन्होंने या उनकी सरकार ने कोई पहल नहीं की.


नीतीश से मिलकर घेरेंगे तेजस्वी

इस बीच तेजस्वी यादव ने एलान कर दिया है कि वे गुरूवार को नीतीश कुमार से मिलेंगे औऱ पूछेंगे कि राज्य सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए क्या किया. तेजस्वी ने नीतीश से मिलने के लिए टाइम मांगा है. वे विधानसभा में मुख्यमंत्री के चेंबर में उनसे मुलाकात कर जातिगत जनगणना पर सरकार द्वारा उठाये गये कदम की जानकारी मांगेगे. तेजस्वी औऱ नीतीश कुमार के बीच फिलहाल बहुत तल्खी है और इस बीच ये देखना दिलचस्प होगा कि मुलाकात कैसी रहती है.


क्या फिर बीजेपी को घेरने निकलेंगे नीतीश

दरअसल बिहार में उप चुनाव से पहले जब नीतीश कुमार जातिगत जनगणना की मांग कर रहे थे तो उनका मकसद साफ दिख रहा था. नीतीश कुमार बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रहे थे लेकिन इसी बीच उप चुनाव आ गया और नीतीश को समझ में आया कि बीजेपी के बगैर सत्ता चलाना ही नहीं बल्कि किसी क्षेत्र से चुनाव जीतना भी संभव नहीं है. इस हकीकत के समझ में आने के बाद ही नीतीश ने यू-टर्न मार लिया था. अब तेजस्वी नीतीश के घेरेंगे और तब देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कौन सी चाल चलते हैं.


केंद्र सरकार साफ मना कर चुकी है

उधर केंद्र सरकार जातिगत जनगणना कराने से साफ इंकार कर चुकी है. संसद में मंगलवार को फिर से केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में जाति के आधार पर जनगणना कराने की कोई योजना नहीं है. केंद्र ने कहा है कि पिछले 70 सालों में देश में जाति के आधार पर कोई जनगणना नहीं हुई. उधर सुप्रीम कोर्ट में एक केस के सिलसिले में दिये गये हलफनामे में भी केंद्र सरकार ने कहा था कि वह 2021 की जनगणना को जाति के आधार पर कराने नहीं जा रही है.