ब्रेकिंग
बिहार में म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर के घर ED की रेड, करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामलाBihar News : विधायक बनते ही मैदान में उतरे प्रशांत किशोर! 11 अगस्त से बांकीपुर के हर वार्ड में जाएंगे, 3 महीने में बदलाव का बड़ा वादा"Bihar News : ईओ विमल कुमार हत्याकांड में बड़ा एक्शन! CM सम्राट चौधरी ने दिए स्पीडी ट्रायल के आदेश, पत्नी ने रखीं 5 बड़ी मांगेंBihar News : 15 अगस्त से पहले बड़ा तोहफा! बिहार के 11 लाख परिवारों को मिलेगा नया राशन कार्ड, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रियाBihar Weather Alert: बिहार के 17 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का खतरा, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें मौसम विभाग की चेतावनी!बिहार में म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर के घर ED की रेड, करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामलाBihar News : विधायक बनते ही मैदान में उतरे प्रशांत किशोर! 11 अगस्त से बांकीपुर के हर वार्ड में जाएंगे, 3 महीने में बदलाव का बड़ा वादा"Bihar News : ईओ विमल कुमार हत्याकांड में बड़ा एक्शन! CM सम्राट चौधरी ने दिए स्पीडी ट्रायल के आदेश, पत्नी ने रखीं 5 बड़ी मांगेंBihar News : 15 अगस्त से पहले बड़ा तोहफा! बिहार के 11 लाख परिवारों को मिलेगा नया राशन कार्ड, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रियाBihar Weather Alert: बिहार के 17 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का खतरा, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें मौसम विभाग की चेतावनी!

‘जातीय सर्वे की वार्ड-वार रिपोर्ट जारी करे सरकार’ नीतीश-तेजस्वी से सुशील मोदी की मांग

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि सरकार को विधानसभा सत्र का इंतजार किये बिना प्रत्येक वार्ड के जातीय सर्वे की रिपोर्ट जारी

‘जातीय सर्वे की वार्ड-वार रिपोर्ट जारी करे सरकार’ नीतीश-तेजस्वी से सुशील मोदी की मांग
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि सरकार को विधानसभा सत्र का इंतजार किये बिना प्रत्येक वार्ड के जातीय सर्वे की रिपोर्ट जारी करनी चाहिए, ताकि सच सामने आए। 


सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब सर्वे के आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं और कई जातियां ठगा हुआ महसूस कर रही हैं, तब वार्ड-वार आंकड़ों का प्रकाशन ही संदेह दूर कर सकता है। इसे जारी करना आसान है क्योंकि अब आंकड़ों का विश्लेषण नहीं करना है। उन्होंने कहा कि राजद, जदयू जैसे सत्तारूढ़ दलों को जातीय सर्वे के वार्ड-वार आंकड़े चुपचाप उपलब्ध करा दिये गए हैं, ताकि वे इसके आधार पर चुनावी रणनीति बनाए जा सकें। 


जातीय सर्वे-2022 के अनुसार बिहार में कोड-22 के अन्तर्गत थर्ड जेंडर की संख्या 825 है, जबकि 2011 की जनगणना रिपोर्ट में बिहार के किन्नर समुदाय की आबादी 40,827 बतायी गई थी। उन्होंने कहा कि क्या यह आंकडों में गड़बड़ी का प्रमाण नहीं है? क्या 11 साल में इनकी संख्या बढने की बजाय 40 हजार कम हो गई? सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में जातीय सर्वे कराने का निर्णय भाजपा के सरकार में रहते हुआ था, पार्टी का समर्थन था, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि हम तथ्यों के आधार पर सर्वे की त्रुटियों-विसंगतियों पर कोई सवाल न उठायें।