ब्रेकिंग
भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपभरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप

बिहार : जमीन व फ्लैट की रजिस्ट्री कराने का नियम बदला, नीतीश सरकार ने जारी किया आदेश; जानिए क्या है नया नियम

PATNA : बिहार में 1 जून 2023 से जमीन फ्लैट और मकान समेत अन्य के रजिस्ट्रेशन का प्रावधान बदल जाएगा। इसके बाद अगर आप जमीन, फ्लैट या मकान खरीदना या बेचना चाहते हैं तो फिर इस बदल

बिहार : जमीन व फ्लैट की रजिस्ट्री कराने का नियम बदला, नीतीश सरकार ने जारी किया आदेश; जानिए क्या है नया नियम
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : बिहार में 1 जून 2023 से जमीन फ्लैट और मकान समेत अन्य के रजिस्ट्रेशन का प्रावधान बदल जाएगा। इसके बाद अगर आप जमीन, फ्लैट  या मकान खरीदना या बेचना चाहते हैं तो फिर इस बदले हुए नियमों का पालन करना होगा।  इस नियम से मकान खरीद - बिक्री करने वाले लोगों को काफी राहत मिलने के अनुमान जताए जा रहे हैं। 


दरअसल, अब तक जमीन मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए दो या चार गवाहों को लाना पड़ता था। लेकिन अब राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जमीन, फ्लैट और मकान खरीदने के पुराने  प्रावधानों को रद्द कर दिया जाएगा। इसके बदले अब सिर्फ जमीन या फ्लैट खरीदने वाले और बेचने वाले ही रजिस्ट्री ऑफिस आना होगा अन्य कसी गवाह को साथ नहीं लाना होगा। 


वहीं, राज्य सरकार के तरफ से इस नए नियम को बहाल करने को लेकर उत्पाद मध निषेध एवं निबंधन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। विभाग के तरफ से इसके अलावा रिजिस्ट्री ऑफिस के डाटा इनपुट का काम करने वाली कंपनी को भी अपने  सॉफ्टवेयर में अहम बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए उनको भी 1 जून तक का समय दिया गया है। इस बदलाव के बाद सिर्फ जमीन या फ्लैट के क्रेता या विक्रेता को अपना- अपना आधार नंबर देना होगा इसे बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए वैध करना होगा।



आपको बताते चलें कि, निबंधन कार्यालयों में जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री के दौरान लोगों की होने वाली भीड़ को कम करना मकसद है। एक रजिस्ट्री में चार या इससे अधिक गवाह के निबंधन कार्यालय में पहुंचने से काफी भीड़ लग जाती है। इससे कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित होता है। कई मामलों में गवाह जुटाने में भी कई बिचौलिए अपने फायदे में रहते हैं। इससे लोगों का ही नुकसान होता है।