ब्रेकिंग
बिहार में म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर के घर ED की रेड, करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामलाBihar News : विधायक बनते ही मैदान में उतरे प्रशांत किशोर! 11 अगस्त से बांकीपुर के हर वार्ड में जाएंगे, 3 महीने में बदलाव का बड़ा वादा"Bihar News : ईओ विमल कुमार हत्याकांड में बड़ा एक्शन! CM सम्राट चौधरी ने दिए स्पीडी ट्रायल के आदेश, पत्नी ने रखीं 5 बड़ी मांगेंBihar News : 15 अगस्त से पहले बड़ा तोहफा! बिहार के 11 लाख परिवारों को मिलेगा नया राशन कार्ड, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रियाBihar Weather Alert: बिहार के 17 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का खतरा, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें मौसम विभाग की चेतावनी!बिहार में म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर के घर ED की रेड, करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामलाBihar News : विधायक बनते ही मैदान में उतरे प्रशांत किशोर! 11 अगस्त से बांकीपुर के हर वार्ड में जाएंगे, 3 महीने में बदलाव का बड़ा वादा"Bihar News : ईओ विमल कुमार हत्याकांड में बड़ा एक्शन! CM सम्राट चौधरी ने दिए स्पीडी ट्रायल के आदेश, पत्नी ने रखीं 5 बड़ी मांगेंBihar News : 15 अगस्त से पहले बड़ा तोहफा! बिहार के 11 लाख परिवारों को मिलेगा नया राशन कार्ड, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रियाBihar Weather Alert: बिहार के 17 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का खतरा, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें मौसम विभाग की चेतावनी!

बिहार जमीन सर्वे : खोखले दावे कर रहे बिहार सरकार के मंत्री, फर्स्ट बिहार के सवालों का भी नहीं दिया जवाब; लोगों को देनी पड़ रही रिश्वत

PATNA : बिहार में जमीन सर्वे का काम चल रहा है और इस सर्वे के लिए खतियान एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में सरकार ने इसे ऑनलाइन करने का दावा तो किया है। लेकिन इसकी सच्चाई कुछ औ

बिहार जमीन सर्वे :  खोखले दावे कर रहे बिहार सरकार के मंत्री, फर्स्ट बिहार के सवालों का भी नहीं दिया जवाब; लोगों को देनी पड़ रही रिश्वत
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

PATNA : बिहार में जमीन सर्वे का काम चल रहा है और इस सर्वे के लिए खतियान एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में सरकार ने इसे ऑनलाइन करने का दावा तो किया है। लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। अभी भी खतियान के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पर रहे हैं, जहां भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। जबकि कुछ लोग ऑनलाइन डाउनलोड करने की कोशिश भी करते हैं तो उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे काफी लोग परेशान हैं। 


दरअसल, भूमि सर्वेक्षण के लिए दस्तावेज जुटाने में लोगों को हर दिन किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला अब खतियान को लेकर है। जमीन के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक खतियान को ऑनलाइन देखना इन दिनों बड़ी समस्या बन गई है। अगर आप सिर्फ अपना खतियान ऑनलाइन देखना चाहते हैं और जब आप प्रक्रिया शुरू करेंगे तो आपके पूरे गांव या मौजा का खतियान एक साथ डाउनलोड होना शुरू हो जाएगा. इससे फाइल बड़ी और भारी हो जाती है, जिससे आसानी से डाउनलोड नहीं हो पाती। 


लिहाजा लोगों को खतियान ऑनलाइन नहीं मिलता तो वे अंचल और सर्वेक्षण कार्यालय का चक्कर लगाना शुरू कर देते हैं। फिर वहां भ्रष्टाचार का खेल शुरू हो जाता है और आवेदक परेशान हो जाते हैं। जब ऑनलाइन खतियान डाउनलोड होने की समस्या की जानकारी लेने की कोशिश की गई तो पता चला कि खतियान का डिजिटाइजेशन हुआ ही नहीं है। 


राजस्व एवं भूमि सुधार द्वारा जारी वेबसाइट पर स्कैन कर रैयतों का खतियान डाला गया है. इस कारण जब लोग संबंधित मौजा का खतियान देखना चाहते हैं तो यह एक साथ पूरे मौजा या गांव का खतियान डाउनलोड होना शुरू होता है।  इस कारण एक बार में करीब एक हजार खतियान एक साथ डाउनलोड होने की प्रक्रिया शुरू होती है। यह इतनी बड़ी फाइल होती है कि इसे डाउनलोड में जब लगाया गया तो चार घंटे में भी यह नहीं हो पाया. बाद में सर्वर एरर बता दिया गया। ऐसे में जमीन के सभी दस्तावेज ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध होने से संबंधी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सभी दावे खोखले साबित होते हैं। 


लिहाजा जब फर्स्ट बिहार के संवादाता ने मंत्री से जनता के सवालों का जवाब मांगा तो विभागीय मंत्री गोल-मोल जवाब देने लगे और जनता के सवालों का जवाब देने के बदले खुद की उपलब्धि गिनाने लगे जबकि इसकी जमीनी हकीकत कुछ और थी और इन्हीं सवालों का जवाब फर्स्ट बिहार के संवाददाता उनसे लेना चाहते हैं लेकिन वह खुद की ही गाल बजाने लगे और जनता के सवालों से उनका कोई ख़ास रावता नहीं दिखा। 


बता दें,  खतियान जमीन से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसके अंदर किसी भी व्यक्ति के नाम पर जो भी जमीन है, उसकी सारी जानकारी होती हैं. जैसे कि जमीन के मालिक का नाम, उसके पिता का नाम, मौजा का नाम, थाना नंबर, अंचल का नाम, जिला का नाम, राज्य का नाम, प्लॉट नंबर, जमीन की चौहद्दी, जमीन का दखल , जमाबंदी नंब . जमीन मालिक को प्रमाणित करने के उद्देश्य से खतियान एक बहुत जरूरी दस्तावेज है।