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बहराइच में कार्यक्रम रद्द होने पर भड़के मुकेश सहनी, DM कार्यालय पहुंचकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Mukesh Sahani: वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने बहराइच में प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है. डीएम कार्यालय पहुंचकर उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाए और कई आरोप लगाए. पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज..

बहराइच में कार्यक्रम रद्द होने पर भड़के मुकेश सहनी, DM कार्यालय पहुंचकर प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
Ramakant kumar
3 मिनट

Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के बहराइच में पार्टी के प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति अंतिम समय में रद्द किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है. कार्यक्रम निरस्त होने के बाद वह बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जिला अधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया.


डीएम कार्यालय पहुंचकर मुकेश सहनी ने अधिकारियों से कार्यक्रम रद्द किए जाने का कारण पूछा और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए.


मुकेश सहनी ने दावा किया कि पार्टी का कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण था. उनके अनुसार न कोई रोड शो प्रस्तावित था, न बड़ी रैली और न ही ऐसा कोई आयोजन जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होती. उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे तो सीमित पुलिस बल की तैनाती के साथ कार्यक्रम शांतिपूर्वक कराया जा सकता था, लेकिन अंतिम समय में अनुमति रद्द कर दी गई.


वीआईपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पिछड़े, दलित और वंचित समाज की आवाज को दबाने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और शांतिपूर्ण कार्यक्रमों को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है.


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बहराइच में बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने के बाद प्रशासन ने कार्यक्रम रद्द करने का फैसला लिया. सहनी ने कहा कि यदि जिला प्रशासन अपनी कार्रवाई पर संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो पार्टी कार्यकर्ता आंदोलन को और तेज करेंगे. उन्होंने कहा कि निषाद और वंचित समाज को आरक्षण सहित उनके अधिकार सुनिश्चित नहीं किए गए तो वर्ष 2027 के चुनाव में भाजपा के खिलाफ राजनीतिक अभियान चलाया जाएगा.


मुकेश सहनी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में उनके कार्यक्रमों में बाधा डालने की यह पहली घटना नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले लखनऊ में भी उन्हें कई दिनों तक हाउस अरेस्ट रखा गया था और विभिन्न जिलों में पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया.


उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सरकार से सवाल पूछने और जनता की आवाज उठाने की होती है. उनके अनुसार प्रशासनिक शक्ति का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों को रोकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.


सहनी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछड़े, दलित, निषाद और वंचित समाज के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन वर्गों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगी और किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगी.