ब्रेकिंग
ED का बड़ा एक्शन: TMC के तीन बैंक खातों को किया सील, अकाउंट में 440 करोड़तेजस्वी पर रोहित कुमार सिंह का बड़ा हमला, बोले- यूरोप में पार्टी के लिए नई जमीन तलाश रहे नेता प्रतिपक्षविक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, दूसरे दिन भी नहीं चलेंगी गाड़ियां; क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईED का बड़ा एक्शन: TMC के तीन बैंक खातों को किया सील, अकाउंट में 440 करोड़तेजस्वी पर रोहित कुमार सिंह का बड़ा हमला, बोले- यूरोप में पार्टी के लिए नई जमीन तलाश रहे नेता प्रतिपक्षविक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, दूसरे दिन भी नहीं चलेंगी गाड़ियां; क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाई

जल्द मिलेगा RSS को नया सरकार्यवाह, तीन दिवसीय बैठक में होगा तय

DESK : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अगले सरकार्यवाह कौन होंगे? अगले महीने तय हो जाएगा। 15 मार्च से नागपुर में

जल्द मिलेगा RSS को नया सरकार्यवाह, तीन दिवसीय बैठक में होगा तय
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

DESK : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अगले सरकार्यवाह कौन होंगे? अगले महीने तय हो जाएगा। 15 मार्च से नागपुर में प्रस्तावित तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन नए सरकार्यवाह का चुनाव होगा। इस चुनावी प्रक्रिया में मतदाता के रूप में सभी प्रांतों से चुन कर आए स्वयंसेवकों के निर्वाचित प्रतिनिधि और सभी प्रांत व क्षेत्र संघचालक भाग लेंगे।


दरअसल, आरएसएस में प्रत्येक तीन वर्षों पर निर्वाचन होता है। सबसे पहले जिला संघचालक, फिर विभाग संघचालक और प्रांत संघचालक का निर्वाचन होता है। यह प्रक्रिया देश के सभी प्रांतों में पूरी कर ली गई है। क्षेत्र संघचालक का निर्वाचन प्रतिनिधि सभा की बैठक में पहले दिन ही किया जाता है।


वहीं, निर्वाचन से पहले पदाधिकारी को तय करके की जिम्मेदारीउन स्वयंसेवक पर होती हैं, जो निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने से एक वर्ष पूर्व तक सक्रिय रहे हों और नियमित शाखा जाते हों या संघ की ओर से जो कार्य सौंपा जाए, उसे पूरा करते हों और संघ कार्य करने के लिए प्रतिज्ञा लिए हों। ऐसे 50 स्वयंसेवकों पर एक शाखा प्रतिनिधि चुने जाते हैं।



सभी जिलों व महानगरों में निर्वाचित शाखा प्रतिनिधि अपने-अपने जिला या महानगर संघचालक का चुनाव करते हैं। फिर विभाग और प्रांत संघचालक का चुनाव होता है। उसके साथ ही सरकार्यवाह के चुनाव के लिए 40 शाखा प्रतिनिधि पर एक केंद्रीय प्रतिनिधि चुने जाते हैं। यानी 2000 स्वयंसेवकों पर एक केंद्रीय प्रतिनिधि चुने जाते हैं। सभी प्रांतों से इनकी संख्या स्वयंसेवक मतदाताओं की संख्या के आधार पर होती है।