Bihar Politics: बिहार के गया जिले में शुक्रवार की शाम केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए थे, जबकि पत्थर उनके पीछे खड़े अंगरक्षक को जा लगा था। घटना को लेकर जीतन राम मांझी का रिएक्शन सामने आया है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने खुद पर हुए हमले के बारे में बताते हुए कहा कि हमलोगों की सभाओं में कभी-कभी इस तरह की बातें होती हैं। पत्थराव क्यों हुआ और किसने किया इसकी जांच पुलिस कर रही है, उसमें हमको बहुत कुछ नहीं कहना है। ऐसे लोगों को भगवान सदबुद्धि दें और बाकी काम तो पुलिस का है, पुलिस अपना काम कर रही है।
वहीं तेजस्वी यादव के यह कहने पर कि अपराधियों की जाति पूछकर उनका एनकाउंटर किया जा रहा है, इसपर मांझी ने कहा कि अपराधी की कोई जात नहीं होती है। किसी भी समाज और जाति के लोग अपराधी हो सकते हैं। अपराध करना देश, समाज और राज्य के लिए बहुत खराब चीज है। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को चेताया है कि या तो वे अपराध छोड़ दें या फिर बिहार छोड़ दें।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि एक विशेष जाति के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन सवाल है कि बालू की चोरी जो करेगा, जमीन का कब्जा जो करेगा, हथियार रखेगा, हत्या जो करेगा वह कौन जाति का है हमलोग यह नहीं जानते हैं लेकिन जो लोग यह सब काम करते हैं बिहार सरकार अब बर्दाश्त नहीं करेगी।
मांझी ने कहा कि अगर हम चोर हैं तो उसके लिए समूचा जाति चोर नहीं हो सकता है। इसको इस तरह से नहीं लेना चाहिए लेकिन तेजस्वी यादव ने कहा है कि एक जाति विशेष के लोगों को टारगेट किया जा रहा है, यह उचित बात नहीं है। हालांकि जो बालू चोरी में ट्रैक्टर पकड़े जाते हैं उसमें सौ में से नब्बे उसी जाति के लोग रहते हैं।
जीतन राम मांझी ने कहा कि जो हमने दो दिन पहले ट्वीट किया था, वह हमारा अपना नहीं है बल्कि वह एनसीआर की रिपोर्ट है। उसमें कहा गया है कि एक जाति विशेष के लोग हैं जो जमीन कब्जा करने में या जेल मे जिनकी ज्यादा संख्या है।

