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इबोला वायरस को लेकर बिहार में अलर्ट: सभी जिलों में निगरानी बढ़ी, अस्पतालों में अलग वार्ड की तैयारी

Bihar Health Alert: अफ्रीकी देशों में फैल रहे इबोला वायरस को लेकर बिहार सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सभी जिलों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पटना के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और इलाज की विशेष तैयारी शुरू कर दी गई है।

Bihar Health Alert
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Health Alert: अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्यभर में अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के तहत संचालित राज्य स्वास्थ्य समिति में शुक्रवार को इबोला संक्रमण को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी हेल्थ एडवाइजरी पर विस्तार से चर्चा हुई।


बैठक के बाद बिहार के सभी 38 जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अफ्रीकी देशों से आने वाले लोगों और उनके संपर्क में आने वाले संदिग्ध मरीजों की विशेष निगरानी और स्वास्थ्य जांच की जाए। स्वास्थ्य विभाग ने इबोला संक्रमित संदिग्ध मरीजों के इलाज और प्रबंधन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की है।


एसओपी के तहत इबोला के संदिग्ध मरीज की पहचान होते ही उसे तुरंत आइसोलेट किया जाएगा। साथ ही उसकी ट्रैवल हिस्ट्री और संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जाएगी। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों में एसओपी का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य समिति ने बुखार, दस्त और उल्टी जैसी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को भी कहा है।


इबोला वायरस एक अत्यधिक संक्रामक और घातक बीमारी है, जो मुख्य रूप से मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में फैलती है। यह संक्रमित व्यक्ति के खून या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों जैसे पसीना, मल और उल्टी के सीधे संपर्क से फैलता है।


एक अनुमान के अनुसार दक्षिण अफ्रीका, सूडान और दक्षिण सूडान समेत कई अफ्रीकी देशों में 70 हजार से अधिक बिहारी मूल के लोग रह रहे हैं। इनमें अकेले दक्षिण अफ्रीका में लगभग 63 हजार भोजपुरी भाषी बिहारी समुदाय के लोग बसे हुए हैं, जिससे राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है।


राजधानी पटना के प्रमुख अस्पतालों में भी इबोला मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल राज्य में कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर विशेष वार्ड तैयार किया जा रहा है।


वहीं, आईजीआईएमएस के मीडिया प्रभारी डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देश मिलते ही अस्पताल प्रशासन पूरी तैयारी शुरू कर देगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर सकता है।


इबोला के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, लेकिन बाद में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों और सिर में दर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और नाक या मसूड़ों से खून बहना शामिल हैं।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता