Bihar News: बिहार विधानसभा के गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति के सभापति फैसल रहमान का मोतिहारी सेंट्रल जेल जाने का मामला विवादों में घिर गया है. जेल में बंद हत्यारोपी मौसेरे भाई की कथित तौर पर मदद करने, कांड को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार ने विधानसभा अध्यक्ष से विधायक व समिति के सभापति को पद से हटाने की मांग किया है.
अध्ययन यात्रा पर मोतिहारी जेल में गए थे फैसल रहमान
मोतिहारी के बंजरिया थानाक्षेत्र के मो. रफीक ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से मिलकर आवेदन दिया है. जिसमें कहा गया है कि गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति के सभापति फैसल रहमान स्थल अध्ययन यात्रा के नाम पर सेंट्रल जेल मोतिहारी में निरीक्षण किया. जहां बंजरिया थाना कांड संख्या 518/ 2026 में मेरे पुत्र (शिक्षक) के हत्यारोपी जफर आजाद चमन सहित कई अपराधियों से मुलाकात की है. जेल दौरे की तस्वीर भी अपने सोशल मीडिया पर डाला है, जिसमें अपराधियों के साथ फोटो- वीडियो प्रसारित किया गया. इसके माध्यम से हत्या कांड को प्रभावित किया जा रहा है .
सरकारी शिक्षक की हत्या मामले में विधायक के रिश्तेदार हैं जेल में बंद
पत्र में आरोप लगाया गया है कि जेल में बंद जफर आजाद चमन समेत अन्य लोगों ने मिलकर मेरे पुत्र मोहम्मद शमशाद आलम (शिक्षक) की निर्मम हत्या कर दी थी. मोतिहारी जेल में बंद जफर आजाद चमन गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति के अध्यक्ष फैसल रहमान के मौसेरा भाई हैं. जिसे 22 सितंबर 2026 को मोतिहारी पुलिस ने गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल मोतिहारी भेजा था. फैसल रहमान बंजरिया थाना कांड संख्या 518/2026 को प्रभावित करने को उद्देश्य 27 सितंबर 2026 को बिहार विधानसभा के अध्ययन दल का नेतृत्व करते हुए 10 अन्य लोगों के साथ नियम विरुद्ध जेल का निरीक्षण किया था. साथ ही बंदियां के बीच भाषण दिया. इतना ही नहीं अपने मौसेरे भाई जो मर्डर केस में जेल में बंद है, उससे मुलाकात की है.
सभापति फैसल रहमान पर कार्रवाई की मांग
इतना ही नहीं फैसल रहमान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से जेल के अंदरके बंदियों के साथ फोटो- वीडियो डाला, जो कांड के गवाहों को भयभीत करने का प्रयास है . ऐसे में पूरे मामले की जांच कर सरकारी पद के दुरुपयोग के मामले में इन्हें पद मुक्त करते हुए कार्रवाई करने की कृपा करें.





