ऊंची जाति का बलि चढ़ाते हैं नीतीश, MY से बहार नहीं निकल सकती राजद

ऊंची जाति का बलि चढ़ाते हैं नीतीश, MY से बहार नहीं निकल सकती राजद

PATNA  : आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। जगदानंद सिंह को रिप्लेस करने के लिए नया नाम अब फाइनल कर लिया गया है। लालू प्रसाद यादव के तरफ से नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अब्दुल बारी सिद्दीकी का नाम फाइनल किया है। हालांकि, फिलहाल इसको लेकर अभी आधिकारिक एलान नहीं किया है। जिसके बाद अब इस मामले को लेकर भाजपा के नेता और बिहार विधानसभा के नेता विपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने राजद और नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला है। 


विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सत्ता में बने रहने के लिए किसी की भी बलि चढ़ा सकते हैं। उनको सिर्फ और सिर्फ अपनी कुर्सी प्यारी है, इसके आलावा उनको कुछ भी नजर नहीं आता है। नीतीश कुमार सबसे पहले पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का बलि लिए। उसके बाद अब उनके पिता राजद के प्रदेश  अध्यक्ष जगदा बाबू का आज बलि ले रहे हैं। इन सब लोगों से पहले रघुवंश बाबू का भी बलि ले चुके हैं। इसके आगे, विजय कुमार सिन्हा ने मुख्यमंत्री पर सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार सत्ता के लिए हमेशा से सवर्णों का बलि लेने से पीछे नहीं हटते हैं। नीतीश कुमार हमेशा सवर्ण के विरोधी रहे है। वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए किसी भी सवर्ण की बलि चढ़ाने से कहीं भी हिचकते नहीं है। नीतीश  कुमार के मन में ही सवर्णों को बढ़ावा देना नहीं है। 


वहीं, राजद द्वारा लिए गए इस फैसले को लेकर भी सिन्हा ने कहा कि, इनके बारे में क्या ही कहना है ये लोग तो कभी भी माई (MY) समीकरण से बाहर निकलते ही नहीं है।इसके आलावा सिन्हा ने कहा कि, राजद के मन में ही सवर्णों को बढ़ावा देना नहीं है। ये लोग कभी भी इस जिंदगी में माई समीकरण से बाहर नहीं निकल सकते हैं। राजद चाहकर भी माई समीकरण से बाहर नहीं हो सकती, चाहे तो राष्ट्रीय अध्यक्ष हो या प्रदेश अध्यक्ष तक माई समीकरण ही सिमित है। इसके आलावा मंत्रिमंडल में भी यही हाल है। इसके आलावा उन्होंने जगदानन्द सिंह और सुधाकर सिंह के भाजपा में शामिल होने को लेकर कहा कि, भारतीय जनता पार्टी हमेशा बिहार के उन तमाम लोगों को जो अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ,जातिविहीन समाज बनाने के पक्ष में काम करता है उनको गले लगाती है। इसलिए हमें उन्हें गले लगाने से कोई परहेज नहीं है। 


गौरतलब हो कि, आरजेडी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की पार्टी से नाराज़गी के बाद उन्हें मनाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन वे इस पद पर रहने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके बाद लालू यादव ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने का मन बना लिया है। सिद्दीकी दो बार दिल्ली जाकर लालू से मुलाक़ात कर चुके हैं।