ब्रेकिंग
एक वो समय था जब पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे, आज फॉर्च्यूनर से जाकर लगाता है झाड़ू, एक सफाईकर्मी की दर्दनाक कहानीट्रेनिंग के दौरान दो महिला सिपाहियों को हुआ प्यार, साथ जीने मरने की खाई कसम, रक्षाबंधन के दो दिन बाद होने वाली थी शादी, लेकिन तभी हो गया बड़ा कांड‘चीनी और महंगी होनी चाहिए’, भाजपा नेता का अजीबोगरीब बयान, 40 साल से ऊपर वालों को मीठा छोड़ने की दी सलाहBihar News : जमीन विवाद सुलझाने के लिए मांगे 2 लाख और वॉशिंग मशीन! रोसड़ा की DCLR रंगेहाथ गिरफ्तारBihar News : बिहार में बनेगी ऐसी यूनिवर्सिटी जहां छात्रा से कुलपति तक होंगी सिर्फ महिलाएं! CM सम्राट का बड़ा ऐलानएक वो समय था जब पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे, आज फॉर्च्यूनर से जाकर लगाता है झाड़ू, एक सफाईकर्मी की दर्दनाक कहानीट्रेनिंग के दौरान दो महिला सिपाहियों को हुआ प्यार, साथ जीने मरने की खाई कसम, रक्षाबंधन के दो दिन बाद होने वाली थी शादी, लेकिन तभी हो गया बड़ा कांड‘चीनी और महंगी होनी चाहिए’, भाजपा नेता का अजीबोगरीब बयान, 40 साल से ऊपर वालों को मीठा छोड़ने की दी सलाहBihar News : जमीन विवाद सुलझाने के लिए मांगे 2 लाख और वॉशिंग मशीन! रोसड़ा की DCLR रंगेहाथ गिरफ्तारBihar News : बिहार में बनेगी ऐसी यूनिवर्सिटी जहां छात्रा से कुलपति तक होंगी सिर्फ महिलाएं! CM सम्राट का बड़ा ऐलान

पटना में 45 पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई महज खानापूर्ति, ट्रैफिक SP के आदेश के 60 घंटे बाद भी नहीं दर्ज हुई FIR

PATNA : पटना में हाईटेक तरीके से वसूली करने वाले छह दारोगा समेत पटना के 45 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के मामले को लेकर अब लिपापोती शुरू हो गई है. ट्रैफिक एसपी के

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

PATNA : पटना में हाईटेक तरीके से वसूली करने वाले छह दारोगा समेत पटना के 45 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के मामले को लेकर अब लिपापोती शुरू हो गई है. 

ट्रैफिक एसपी के आदेश के 60 घंटा बाद भी अभी तक किसी थाने में लिखित आवेदन तक नहीं दिया गया है. जब एफआईआर करने में इतनी देर हो रही है तो जांच में कितनी देर होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. 

क्या था मामला

ये सभी पुलिसकर्मी न्यू बाइपास से लेकर गांधी सेतू तक बालू-गिट्टी सहित अन्य निर्माण सामग्री से लदे ट्रक को रोजाना पार कराते थे. जिसमें हाईटेक तरिके से वसूली की जाती थी. गांधी सेतु पर वसूली का पूरा खेला टेक्नोलॉजी के माध्यम से होता था. वसूली के इस खेल में तीन चेक पोस्ट और एक ट्रैफिक थाने के अधिकारी से लेकर पुलिस वाले शामिल थे.



जीरोमाइल चेकपोस्ट ओवरलोडेड ट्रकों के ड्राइवर से पैसे लेकर गांधी सेतु पर जाने की इजाजत देता था. ट्रक के नंबर का फोटो धनुकी मोड़ और गांधी सेतु 45 नंबर चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस वालों को भेजा जाता था ताकि वे लोग इसे रोके नहीं और सेतु पार करने दें. यदि कोई ओवरलोडेड ट्रक जीरोमाइल चेक पोस्ट पार कर गया तो उससे धनुकी मोड़ चेकपोस्ट पर पैसे देने पड़ते थे, तब जाकर वह सेतु पार कर पाता था.