Land for Job Case: लालू यादव और उनके परिवार के लिए आज का दिन काफी अहम, लैंड फॉर जॉब केस की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई

Land for Job Case: लैंड फॉर जॉब केस में लालू यादव और उनके परिवार के लिए अहम दिन है। राउज एवेन्यू कोर्ट में आज सभी आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए जा सकते हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 29 Jan 2026 08:16:21 AM IST

Land for Job Case

आज का दिन काफी अहम - फ़ोटो File

Land for Job Case: आज का दिन राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। देश के चर्चित जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) घोटाले से जुड़े मामले में लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य आज दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हो सकते हैं। इस मामले में अदालत में सुनवाई होनी है, जहां सभी आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाने की संभावना है।


इससे पहले इसी महीने राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, तेजप्रताप यादव, हेमा यादव और मीसा भारती समेत 46 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। वहीं, मामले से जुड़े 52 आरोपियों को अदालत ने बरी भी कर दिया था।


मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों को सौदेबाजी का माध्यम बनाकर यादव परिवार ने रेलवे अधिकारियों और करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की।


बता दें कि लैंड फॉर जॉब केस लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के कार्यकाल के दौरान का है। यह मामला मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम-मध्य जोन में की गई ग्रुप-डी नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन नियुक्तियों के बदले आवेदकों से जमीन ली गई, जिसे राजद सुप्रीमो के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम स्थानांतरित किया गया।


सीबीआई ने इस कथित घोटाले को लेकर लालू यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है। एजेंसी का दावा है कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन कर की गईं और इनमें बेनामी संपत्तियों के लेन-देन शामिल थे, जो आपराधिक कदाचार और साजिश की श्रेणी में आते हैं। वहीं, सभी आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।