साइबर क्रिमिनल के शिकार हुए बिहार के ADG, इनके डर से बुर्का पहनकर भागे थे शहाबुद्दीन

1st Bihar Published by: Updated May 13, 2021, 8:01:54 PM

साइबर क्रिमिनल के शिकार हुए बिहार के ADG, इनके डर से बुर्का पहनकर भागे थे शहाबुद्दीन

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PATNA : पूर्व बाहुबली सांसद और राजद के दिवंगत नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के पसीने छुड़ाने वाले आईपीएस अधिकारी साइबर क्रिमिनल के फेरे में पड़ गए हैं. 1996 बैच के सीनियर आईपीएस अफसर और स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप के एडीजी बच्चू सिंह मीणा ने खुद इस बात की जानकारी दी है कि साइबर क्रिमिनल उन्हें टारगेट कर रहे हैं. 


अपर पुलिस महानिदेशक बच्चू सिंह मीणा ने बताया कि "दोनों किसी ने मेरे नाम से फेक फेसबुक आईडी बनाया है और लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहा है. कृपा उस आईडी पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दें. कोरोना जैसी वैश्विक आपदा की घड़ी में अपना ख्याल रखें." ये बातें स्पेशल ब्रांच के एडीजी बच्चू सिंह मीणा ने खुद अपने आधिकारिक फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से लोगों के साथ साझा की.



गौरतलब हो कि बच्चू सिंह मीणा वही आईपीएस अफसर हैं, जिन्होंने शहाबुद्दीन को उनके गढ़ सीवान में पसीने छुड़ा दिए थे. 16 मार्च 2001 को सीवान के प्रतापपुर में शहाबुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी. उस वक्त घंटों चली मुठभेड़ में शहाबुद्दीन के 11 लोग मारे गए थे जबकि हवलदार बासुकी नाथ पांडे शहीद हुए थे. इस दौरान बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन को बुर्का पहनकर भागना पड़ा था. ‘ऑपरेशन प्रतापपुर’ को उस वक्त एसपी रहे बच्चू सिंह मीणा ने ही पूरी कार्रवाई को लीड किया था.



मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान जब पुलिस प्रतापपुर गांव पहुंची तो उस पर गोलियों की बौछार शुरू हो गई थी. पीछे हटने की बजाए पुलिस ने एसटीएफ के साथ मोर्चा संभाला. ऑपरेशन के दौरान वरीय अधिकारी पीछे हटने का आदेश न दे सकें, इसके लिए तमाम वायरलेस सेट बंद कर दिए गए थे.



आपको बता दें कि मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले तेजतर्रार आईपीएस बच्चू सिंह मीणा बिहार के विभिन्न जिलों में एसपी की जिम्मेदारी संभालने के बाद कई बड़े पदों पर रहें. ये पूर्णिया रेंज के और मगध क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक भी रह चुके हैं. इसके अलावा ये विशेष शाखा के आईजी भी रह चुके हैं. यहां महानिरीक्षक रहने के दौरान सरकार ने लगभग 4 महीना पहले इन्हें प्रोमोशन दिया, जिसके बाद ये इसी विभाग में एडीजी के रूप में नियुक्त हुए.