ब्रेकिंग
भरत भूषण तिवारी केस: मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने परिजनों से की मुलाकात, 3 अगस्त को आयोग में अगली सुनवाई प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर बोले गिरिराज, कहा..बांकीपुर से कोई उम्मीदवार नहीं मिला तो 'अपने कच्छा पहनकर उतर गये'बिहार में दर्दनाक सड़क हादसा, दो बाइक की सीधी टक्कर में तीन युवकों की मौत‘छुट्टे पैसे नहीं हैं तो बस से उतर जाओ’: कंडक्टर ने परिवहन मंत्री को ही उतार दिया, फिर जो हुआ…बेगूसराय सड़क हादसे में मृतकों की संख्या हुई पांच, घायल युवक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़भरत भूषण तिवारी केस: मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने परिजनों से की मुलाकात, 3 अगस्त को आयोग में अगली सुनवाई प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर बोले गिरिराज, कहा..बांकीपुर से कोई उम्मीदवार नहीं मिला तो 'अपने कच्छा पहनकर उतर गये'बिहार में दर्दनाक सड़क हादसा, दो बाइक की सीधी टक्कर में तीन युवकों की मौत‘छुट्टे पैसे नहीं हैं तो बस से उतर जाओ’: कंडक्टर ने परिवहन मंत्री को ही उतार दिया, फिर जो हुआ…बेगूसराय सड़क हादसे में मृतकों की संख्या हुई पांच, घायल युवक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अखिलेश यादव की पार्टी के नेता ने की खुदकुशी : खुद को गोली मारकर दे दी जान ; लोकसभा चुनाव में गिरी थी गाज

DESK : लोकसभा चुनाव की अहम जिम्मेदारी छिन जाने से आहत समाजवादी पार्टी के एक नेता ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुई इस घटना के बाद हड़कंप

अखिलेश यादव  की पार्टी के नेता ने की खुदकुशी : खुद को गोली मारकर दे दी जान ; लोकसभा चुनाव में गिरी थी गाज
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK : लोकसभा चुनाव की अहम जिम्मेदारी छिन जाने से आहत समाजवादी पार्टी के एक नेता ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुई इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डीपी यादव ने शनिवार की सुबह अपनी जान दे दी।


घटना की जानकारी मिलने के बाद डीपी यादव के घर बुद्धविहार में कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं का जमावड़ा लग गया। डीपी यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि लोगों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की अहम जिम्मेदारी छिन जाने से वह काफी हताशा में थे।


पार्टी के पुराने नेता होने के बावजूद उन्हें कोई अहम पद नहीं मिला था। हालांकि वह पार्टी की मजबूती के लिए लगातार काम कर रहे थे। लोकसभा चुनाव में एसटी हसन के बजाए रुचि वीरो को टिकट दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। जिसके बाद अखिलेश यादव ने उन्हें जिलाध्यक्ष के पद से हटा दिया था। जिसके बाद डीपी यादव राजनीति से दूर चले गए थे।


घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने सभी बिंदुओं पर अपनी जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से एफएसएल की टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।


अखिलेश यादव  की पार्टी के नेता ने की खुदकुशी : खुद को गोली मारकर दे दी जान ; लोकसभा चुनाव में गिरी थी गाज