पटना: भूलकर भी न करें प्लास्टिक का उपयोग, नगर निगम ने छापेमारी कर पहले दिन 47 हजार जुर्माना वसूला

पटना: भूलकर भी न करें प्लास्टिक का उपयोग, नगर निगम ने छापेमारी कर पहले दिन 47 हजार जुर्माना वसूला

PATNA: अगर आपने अब तक सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करना बंद नहीं किया है तो सावधान हो जाएं। नगर निगम अब ऐसे लोगों की खोज के लिए छापेमारी कर रही है जो अब तक प्लास्टिक या उससे बने कोई सामान यूज कर रहे हैं। राजधानी पटना में नगर निगम ने प्लास्टिक विक्रेताओं पर छापेमारी की। इस दौरान निगम की टीम ने कई दुकानों से प्लास्टिक जब्त कर जुर्माना वसूला है। आपको बता दें कि ये छापेमारी सिर्फ एक दिन की नहीं थी बल्कि लगातार जारी रहेगी। एक जुलाई से पटना जिले में भी 19 तरह के सिंगल यूज वाले प्लास्टिक उत्पादों पर रोक लगा दिया गया है। पटना नगर निगम की टीम द्वारा दुकानों एवं विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर इसकी जांच की गई। पहले दिन ही टीम 47,200 रुपये जुर्माना वसूलने में सफल रही। वहीं 550 किलोग्राम प्लास्टिक भी बरामद किया गया, इनमें पॉलीथिन, थर्मोकोल समेत कई सामान थे। 


दरअसल, एक जुलाई से पूरे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया गया है। इसके बावजूद अगर कोई प्लास्टिक का उपयोग करता है तो 500 से दो हजार और औद्योगिक स्तर पर इसका उत्पादन, आयात, भंडारण और बिक्री करने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दंड का प्रावधान है। पटना नगर निगम द्वारा लगातार इसकी जांच की जाएगी।


इसमें प्लास्टिक स्टिक वाले इयरबड, गुब्बारे में लगने वाले प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्त्रीम स्टिक, सजावट में काम आने वाले थर्मोकोल, प्लास्टिक कप, प्लेट, गिलास, कांटा, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बों पर लगायी जाने वाली प्लास्टिक, प्लास्टिक के निमंत्रण पत्र, 100 माइक्त्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर आदि पर यह प्रतिबंध लागू है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू होने के बाद इसका उत्पादन, आयात, भंडारण, बिक्त्री को अपराध माना जायेगा और ऐसा करने पर जुर्माना और जेल हो सकती है।