1st Bihar Published by: DEEPAK Updated May 17, 2021, 9:34:01 AM
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NALANDA: ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर ठगी करने वाले 4 साइबर ठगों को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नालंदा से गिरफ्तार किया है। ठगों ने ऑक्सीजन का झांसा देकर कोरोना मरीज के परिजनों से लाखों की ठगी की है। दिल्ली में इस तरह की ठगी का केस दर्ज हुआ था। जिसके बाद दिल्ली साइबर सेल की टीम इन ठगों की गिरफ्तारी के लिए नालंदा पहुंची।
जहां नालंदा पुलिस की मदद से दिल्ली पुलिस सप्ताह भर से कैंप कर 4 ठगों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। साइबर अपराधियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल, सीम, नकदी व अनेकाें आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। बदमाशों को दिल्ली पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर ले गई। अन्य बदमाशों पर कतरीसराय थाना में केस दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सदर डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गयी। गठित टीम में नगर थानाध्यक्ष दीपक कुमार, कतरीसराय थानाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी शामिल थे।
पहले देश के लोगों को महंगी गाड़ी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले नालंदा के साइबर ठग ने इस कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में ठगी का नया तरीका निकाला है । देश की राजधानी दिल्ली के लोगों से ऑक्सीजन के नाम पर ठगी करने वाले 4 साइबर ठगों को दिल्ली क्राइम ब्रांच की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है l नगर थाना थाना क्षेत्र के नरसलीगंज निवासी मिथिलेश कुमार, शेखपुरा जिला के शेखोपुरसराय निवासी पंकज कुमार, दीपनगर थाना क्षेत्र के बिजवनपर निवासी दीपक कुमार, नगर थाना क्षेत्र के महलपर निवासी श्रवण माली को दिल्ली पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर ले गई।
अन्य गिरफ्तार बदमाशों में मानपुर थाना क्षेत्र निवासी चंदन कुमार, सन्नी कुमार, कतरीसराय थाना क्षेत्र के सैदी गांव निवासी सोनू उर्फ अनमोल, छाछू बिगहा निवासी सौरभ कुमार, गुड्डू चौधरी, राम मोहित चौधरी, भोला मांझी व प्रमोद कुमार शामिल है ।
एसपी हरि प्रसाथ एस ने बताया कि दिल्ली पुलिस सप्ताह भर से नालंदा में कार्रवाई कर रही थी। बदमाशों ने सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन उपलब्ध होने का पोस्ट कर नागरिकों से ठगी की। कुछ बदमाश नालंदा के थे। जिनकी तलाश में दिल्ली पुलिस आई थी। इसके बाद टीम गठित कर कार्रवाई की गई। यह अभियान जारी रहेगा। चार बदमाशों को दिल्ली पुलिस ले गई।
साइबर ठग ऑक्सीजन उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए फोन नंबर पोस्ट कर देते थे। इसके बाद मरीज के परिजनों द्वारा संपर्क करने पर उनसे ठगी की जाती थी। मिली जानकारी के मुताबिक ठगी के लिए मशहूर कतरीसराय के ठगों ने भी यह तरीका अपनाया। और अलग अलग जगहों पर अड्डा बनाकर ठगी का धन्धा चला रहे थे। यही नहीं कुछ शातिर समाजसेवा का दावा करते हुए मुफ्त में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने का झांसा दे ठगी कर रहे थे।