नीतीश बोले- लालू यादव हमको गोलिये मरवा दें, अगर चाहे तो गोली मरवा सकते हैं, बाकी कुछ नहीं कर सकते, क्यों बौखलाये हैं बिहार के सीएम

नीतीश बोले- लालू यादव हमको गोलिये मरवा दें, अगर चाहे तो गोली मरवा सकते हैं, बाकी कुछ नहीं कर सकते, क्यों बौखलाये हैं बिहार के सीएम

PATNA : अत्याधुनिक हथियारों से लैस 400 से ज्यादा जवानों की सुरक्षा के घेरे में रहने वाले नीतीश कुमार को लग रहा है कि लालू यादव उन्हें गोली मरबा सकते हैं. पत्रकारों से बातचीत करते हुए आज नीतीश कुमार ने कहा-लालू यादव हमको गोली मरबा दें. अगर वे चाहें तो हमको गोली मरबा सकते हैं बाकी औऱ कुछ नहीं सकते. दरअसल पत्रकारों ने पूछा था कि लालू यादव कह रहे हैं कि वे नीतीश कुमार का विसर्जन करने बिहार आये हैं. जवाब यही मिला. वैसे नीतीश कुमार उप चुनाव में प्रचार करके वापस लौटे थे औऱ चुनावी सभा के दौरान उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था. नीतीश सभा में भी बौखलाये थे.


इस कदर बौखलाये नीतीश 
दरअसल नीतीश कुमार आज कुशेश्वरस्थान और तारापुर में हो रहे उप चुनाव में प्रचार करने गये थे. वापस लौटे तो पटना में पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा. कहा-लालू जी कल से चुनाव प्रचार करने जा रहे हैं. नीतीश बोले-जाने दीजिये. जिसको जहां जाना है जाये. दूसरा सवाल पूछा गया-लालू जी कह रहे हैं कि वे बिहार में नीतीश कुमार का विसर्जन करने आये हैं. जवाब में नीतीश कुमार ने जो कहा उसे देखिये “लालू जी गोलिये मरबा दे, सबसे अच्छा यही होगा. बाकी कुछ नहीं कर सकते हैं. अगर चाहें तो गोली मरबा सकते हैं. और कुछ नहीं कर सकते हैं. समझ गये न.”


अपने ही कानून के राज पर भरोसा नहीं
नीतीश का ये बयान किसी मुख्यमंत्री द्वारा दिया जाने वाला अजूबा बयान है. बिहार में सरकार नीतीश कुमार की है, वे ही गृह मंत्री हैं, पुलिस उनकी है औऱ कानून के राज का दावा भी उनका ही है. इसके बावजूद कोई मुख्यमंत्री अपने सियासी प्रतिद्वंदी के बारे में ये कहे कि वह गोली मरबा सकते हैं तो इसका मतलब यही निकलता है कि अपने ही कानून के राज पर कोई भरोसा नहीं है. लेकिन नीतीश कुमार ने एक बार नहीं दो दफे दुहराया कि लालू यादव उन्हें गोली मरबा सकते हैं.


अभूतपूर्व सुरक्षा वाले मुख्यमंत्री हैं नीतीश 
नीतीश कुमार बिहार के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने अपने लिए अभूतपूर्व सुरक्षा का बंदोबस्त कराया है. नीतीश कुमार के सीएम बनने के बाद बिहार पुलिस में एक खास टीम का गठन किया गया जो मुख्यमंत्री की सुरक्षा करता है. इसमें 400 से ज्यादा पुलिस जवान औऱ अधिकारी शामिल हैं. उन्हें आधुनिक हथियारों से लैस किया गया है. मुख्यमंत्री आवास के आसपास का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहता है. नीतीश के मुख्यमंत्री बनने से पहले एक अण्णे मार्ग के सामने की सड़क आम लोगों के लिए खुली रहती थी, लेकिन उसे परमानेंटली बंद कर दिया गया है. सुरक्षा औऱ सुविधा के नाम पर एक अण्णे मार्ग के आसपास के घरों को भी सीएम आवास में शामिल कर लिया गया है. इसके बावजूद मुख्यमंत्री को ये यकीन है कि लालू यादव उन्हें गोली मरबा सकते हैं.


वैसे नीतीश कुमार आज दिन से ही बौखलाये थे. तारापुर में उनकी चुनावी सभा के दौरान हंगामा खड़ा हो गया. रोजगार की मांग को लेकर युवाओं ने मुख्यमंत्री की सभा में हंगामा कर दिया. नीतीश कुमार सभा में ही बौखला गये थे. स्थानीय लोग बता रहे हैं कि नीतीश की सभा में अपेक्षा के मुताबिक भीड़ भी नहीं जुटी थी.


नीतीश जानते हैं कि दो सीटों पर होने वाला उप चुनाव उनके लिए कितना अहम है. दोनों जेडीयू की सीटिंग सीट है. अगर नीतीश की पार्टी चुनाव हारी तो उनका सियासी भविष्य भारी खतरे में पड जायेगा. तेजस्वी यादव तो खुलेआम कह रहे हैं कि अगर राजद चुनाव जीत गयी तो बिहार में खेला हो जायेगा. इन सबके बीच नीतीश की बौखलाहट कुछ अलग ही कहानी कह रही है.