ब्रेकिंग
बिहार की राजधानी पटना सहित 6 जिलों में कल 15 मिनट का ब्लैकआउट, सायरन बजते ही करना होगा लाइट बंदबिहार में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, शिवहर में बड़ा बाबू और पटना में अपर थानाध्यक्ष घूस लेते गिरफ्तारवायरल हथियार वीडियो मामले में बढ़ीं अनंत सिंह की मुश्किलें, 48 घंटे में वेरिफिकेशन का आदेशएक बार फिर महंगाई की मार: देश भर में महंगा हुआ Amul दूधबिहार का बढ़ाया मान : स्वस्ति स्नेह ने CBSE 12वीं में लहराया परचम...वाणिज्य संकाय में 99.4% अंक मिले, वरिष्ठ IAS अफसर की हैं बेटीबिहार की राजधानी पटना सहित 6 जिलों में कल 15 मिनट का ब्लैकआउट, सायरन बजते ही करना होगा लाइट बंदबिहार में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, शिवहर में बड़ा बाबू और पटना में अपर थानाध्यक्ष घूस लेते गिरफ्तारवायरल हथियार वीडियो मामले में बढ़ीं अनंत सिंह की मुश्किलें, 48 घंटे में वेरिफिकेशन का आदेशएक बार फिर महंगाई की मार: देश भर में महंगा हुआ Amul दूधबिहार का बढ़ाया मान : स्वस्ति स्नेह ने CBSE 12वीं में लहराया परचम...वाणिज्य संकाय में 99.4% अंक मिले, वरिष्ठ IAS अफसर की हैं बेटी

बिहार के लाखों किसानों को बड़ी राहत: अब पूर्वजों के नाम की जमीन होने पर भी बनेगा फार्मर आईडी, देना होगा सिर्फ यह दस्तावेज

Farmer Registry Bihar: बिहार सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए वंशावली के आधार पर फार्मर आईडी बनाने की अनुमति दी है। अब पूर्वजों के नाम दर्ज जमीन पर भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलेगा।

Farmer Registry Bihar
प्रतिकात्मक
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Farmer Registry Bihar: बिहार के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब अगर किसी किसान की जमीन उसके नाम पर दर्ज नहीं है, बल्कि पिता, दादा या पूर्वजों के नाम पर है, तो भी उसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल सकेगा। सरकार ने वंशावली के आधार पर फार्मर आईडी बनाने की अनुमति दे दी है, जिससे हजारों किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या दूर होने की उम्मीद है।


अब तक फार्मर आईडी बनवाने में सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि जमीन का खतियान सीधे किसान के नाम पर नहीं होने पर आवेदन रिजेक्ट हो जाता था। इस वजह से बड़ी संख्या में किसान पीएम किसान योजना से वंचित रह जाते थे। लेकिन नियमों में बदलाव के बाद अब पिता, दादा या पूर्वजों के नाम की जमाबंदी होने पर भी किसान का रजिस्ट्रेशन संभव हो गया है।


कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वंशावली के आधार पर फार्मर रजिस्ट्री शुरू होते ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में तेजी आई है। कई जिलों में एक ही दिन में हजारों किसानों की फार्मर आईडी बनाई गई है। संयुक्त जमाबंदी की स्थिति में भी अलग-अलग परिवार के सदस्यों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में राहत की उम्मीद बढ़ी है।


हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वंशावली के आधार पर रजिस्ट्रेशन के दौरान सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। गलत या फर्जी फार्मर आईडी बनने की शिकायत मिलने पर सॉफ्टवेयर में सख्ती बरती जा रही है। नाम और जमाबंदी में अधिक अंतर होने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है।


कृषि विभाग के अनुसार, जिन किसानों की ई-केवाईसी पहले से पूरी है, उन्हें फार्मर आईडी बनवाने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। गांव स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की मदद की जा रही है। किसान सलाहकार और कृषि कर्मी घर-घर जाकर किसानों को जरूरी जानकारी दे रहे हैं।


प्रशासन का कहना है कि सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी जल्द तैयार की जाएगी, ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान योजना का लाभ मिलने में बाधा न आए। वंशावली के आधार पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा से उन किसानों को सबसे अधिक फायदा होगा, जिनकी जमीन पीढ़ियों से परिवार के नाम पर है, लेकिन अब तक नामांतरण नहीं हो सका था।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें