पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि

पटना के रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में एंडोस्कोपिक स्कारलेस थायरॉइड सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस आधुनिक तकनीक से बिना चीरे और निशान के थायरॉइड का इलाज संभव हुआ है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 05 Feb 2026 08:40:18 PM IST

bihar

बिना निशान के थायरॉइड सर्जरी - फ़ोटो social media

PATNA: बिहार की राजधानी पटना में चिकित्सा क्षेत्र ने एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। Ruban Memorial Hospital में अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक थायरॉइडेक्टॉमी (Scarless Thyroid Surgery) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। यह जटिल और आधुनिक सर्जरी अस्पताल के वरिष्ठ कंसल्टेंट थोरैसिक, लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जन Dr. Ravi Ranjan Kumar द्वारा उनकी विशेषज्ञ टीम के साथ की गई।


इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें गर्दन पर किसी भी प्रकार का चीरा या स्थायी निशान नहीं पड़ता। पारंपरिक थायरॉइड सर्जरी के विपरीत, एंडोस्कोपिक पद्धति में शरीर के अन्य हिस्सों से सर्जरी की जाती है, जिससे मरीज को बेहतर सौंदर्य परिणाम, कम दर्द और तेज़ रिकवरी मिलती है।


डॉ. रवि रंजन कुमार, जो M.Ch (Minimal Access Surgery) और AIIMS दिल्ली से प्रशिक्षित हैं, ने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से युवाओं और महिला मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि इस सर्जरी में अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होती है और मरीज जल्दी अपने सामान्य जीवन में लौट सकता है।


इस अवसर पर रुबन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं प्रबंध निदेशक Dr. Satyajit Kumar Singh ने कहा कि रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल का उद्देश्य हमेशा अत्याधुनिक और सुरक्षित चिकित्सा तकनीकों को बिहार तक लाना रहा है। उन्होंने डॉ. रवि रंजन कुमार और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि स्कारलेस थायरॉइड सर्जरी की शुरुआत पटना को उन्नत सर्जिकल सुविधाओं के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करती है।


अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस तरह की उन्नत सर्जरी के लिए विशेष प्रशिक्षण और अत्याधुनिक उपकरणों की आवश्यकता होती है, जो अब पटना में उपलब्ध होना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे मरीजों को इलाज के लिए बड़े महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह उपलब्धि न केवल रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल, बल्कि पूरे बिहार में न्यूनतम इनवेसिव और स्कारलेस सर्जरी के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ती है।