PATNA: मुंगेर पुलिस फायरिंग केस की जांच के लिए एसआईटी की टीम गठित कर दी गई है. जांच का जिम्मा एसपी और 3 डीएसपी को दी गई है. जांच कर रिपोर्ट देंगे. फायरिंग में प्रयोग किया गया पुलिस के हथियारों की भी जांच होगी. हथियारों की जांच एफएसएल की टीम करेगी. इसके बाद पुलिस फायरिंग में जिस युवक की मौत हुई थी उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मिलान किया जाएगा.
25 पुलिसकर्मियों पर केस
1 नवंबर को कोतवाली थाना में श्रद्धालुओं पर फायरिंग और लाठीचार्ज को लेकर 20-25 अज्ञात पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया. घटना के बाद पहली बार यह केस पुलिस के खिलाफ हुआ है. वही, मृतक के परिजन भी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. जो वीडियो वायरल हुआ है उससे दोषी पुलिसकर्मियों का पहचान किया जा रहा है.
मुंगेर में तीन थानों में लगाई आग
29 अक्टूबर को भीड़ ने तीन थानों को आग लगाकर जला दिया. पूर्व सराय थाना और बासुदेवपुर ओपी और कोतवाली को भीड़ ने फूंक डाला. तीनों थानों की कई गाड़ियों में भीड़ ने आग लगा दी थी. लिपि सिंह के ऑफिस और एसडीपीओ के ऑफिस पर भी लोगों ने तोड़फोड़ किया था. पांच से अधिक थानों पर भीड़ ने हमला और पथराव किया था.
पुलिस पर फायरिंग का आरोप
26 अक्टूबर को मुंगेर में पुलिस जबरन मूर्ति विसर्जन करा रही थी. इसका जब लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पुलिस ने फायरिंग कर दी. एक युवक की सिर में गोली लगी और उसकी मौत हो गई. एक की इलाज के दौरान मौत हो गई. जबकि 4 लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना के बाद कई लोग लापता है. यह घटना मुंगेर के दीन दयाल चौक के पास हुई थी. मुंगेर के लोगों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि पहले से परंपरा रही है कि पहले बड़ी देवी का मूर्ति विसर्जन होता है. उसके बाद छोटी मूर्ति का विसर्जन किया जाता है. लेकिन पुलिस जबरन विसर्जन करा रही थी. पुलिस ने इस दौरान बेरहमी से लोगों की पिटाई की है.