ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर में उफान पर बागमती: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, थाना और स्कूल परिसर में घुसा नदी का पानी; जिला प्रशासन अलर्ट1993 में खरीदी गई जमीन पर अब मिला कब्जा, 32 साल की कानूनी लड़ाई के बाद 103 साल की महिला को मिला न्यायपटना में सूखे नशा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, डेढ़ करोड़ की स्मैक के साथ दो महिला समेत तीन स्मगलर अरेस्टIRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत, आरोप तय करने पर फैसला टलासाइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ बिहार का युवक, पाकिस्तानी नंबर से धमकाकर ठगे 1.78 लाख रुपयेमुजफ्फरपुर में उफान पर बागमती: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा, थाना और स्कूल परिसर में घुसा नदी का पानी; जिला प्रशासन अलर्ट1993 में खरीदी गई जमीन पर अब मिला कब्जा, 32 साल की कानूनी लड़ाई के बाद 103 साल की महिला को मिला न्यायपटना में सूखे नशा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, डेढ़ करोड़ की स्मैक के साथ दो महिला समेत तीन स्मगलर अरेस्टIRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत, आरोप तय करने पर फैसला टलासाइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ बिहार का युवक, पाकिस्तानी नंबर से धमकाकर ठगे 1.78 लाख रुपये

तेजस्वी और कांग्रेस ने मुकेश सहनी से किया किनारा, कैसे बनेगा महागठबंधन

PATNA : वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी और तेजस्वी यादव के बीच एक बार फिर से दूरी दिखी है. मुकेश साहनी ने अपनी पार्टी की तरफ से निकाले गए बाइक रैली में महागठबंधन के तमाम नेताओं को श

FirstBihar
Manish Kumar
3 मिनट

PATNA : वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी और तेजस्वी यादव के बीच एक बार फिर से दूरी दिखी है. मुकेश साहनी ने अपनी पार्टी की तरफ से निकाले गए बाइक रैली में महागठबंधन के तमाम नेताओं को शामिल होने का न्यौता दिया था. जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा के साथ तेजस्वी यादव और कांग्रेस के नेताओं को भी बुलाया था. लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना में मौजूद होने के बावजूद मुकेश सहनी के पार्टी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. आरजेडी की तरफ से केवल उदय नारायण चौधरी मुकेश सहनी के साथ नजर आए. कुछ ऐसा ही हाल कांग्रेस नेताओं का रहा. कांग्रेस के नेताओं ने सहनी का कोई नोटिस नहीं लिया हालांकि उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी मुकेश सहनी के साथ एक बार फिर से एकजुटता दिखाते नजर आए. तेजस्वी यादव और कांग्रेस ने जिस तरह मुकेश साहनी से दूरी बनाई है उसके बाद यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर विधानसभा चुनाव में महागठबंधन कैसे एकजुट रह पाएगा. 

यह पहला मौका नहीं है जब तेजस्वी यादव ने अपने सहयोगी दलों के कार्यक्रम से दूरी बनाई हो तेजस्वी यादव इसके पहले उपेंद्र कुशवाहा की तरफ से बनाई गई मानव कतार कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे. जानकार मानते हैं कि तेजस्वी यादव अपने नेतृत्व को लेकर सहयोगी दलों की तरफ से मुहर नहीं लगने को लेकर नाराज हैं.

मुकेश सहनी जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं कि महागठबंधन के घटक दलों के बीच कोआर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए साथ ही साथ सभी दलों के साथ चर्चा करके विधानसभा चुनाव के लिए सीएम कैंडिडेट के नाम की घोषणा की जाए. आरजेडी ने अब तक मुकेश सहनी और अन्य सहयोगी दलों की इस मांग पर गंभीरता पूर्वक कोई फैसला नहीं किया है ऐसे में जैसे जैसे चुनाव का वक्त नजदीक आ रहा है आरजेडी के घटक दल अलग गोलबंदी करते नजर आ रहे हैं.