Bihar Road Accident: पटना-आरा मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, पूजा करके लौट रहे दंपत्ति की दर्दनाक मौत

पटना–आरा मुख्य मार्ग पर रविवार की शाम एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। देवी पूजा से लौट रहे पति-पत्नी को क्या पता था कि घर पहुंचने से पहले ही उनकी जिंदगी की डोर टूट जाएगी। आखिर कैसे हुआ यह दर्दनाक सड़क हादसा?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 22 Feb 2026 05:43:40 PM IST

Bihar Road Accident: पटना-आरा मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, पूजा करके लौट रहे दंपत्ति की दर्दनाक मौत

- फ़ोटो

BIHAR ROAD ACCIDENT: पटना–आरा मुख्य मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार पति-पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसा बिहटा थाना क्षेत्र के खेदलपुरा गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि दंपत्ति देवी पूजा में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


मृतकों की पहचान भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के पुराना सबलपुर बबुरा निवासी 55 वर्षीय त्रिशूल पांडेय और उनकी 50 वर्षीय पत्नी गीता देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पटना की ओर जा रहे थे। खेदलपुरा के समीप आगे बढ़ने के दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।


घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया। दुर्घटना में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया गया है, जबकि चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां दो दिन पहले भी एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी। लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और अव्यवस्थित यातायात बड़ी समस्या बन चुकी है।


बताया जा रहा है कि एलिवेटेड सड़क निर्माण कार्य के कारण मार्ग कई स्थानों पर संकरा हो गया है। दिन में नो एंट्री के बावजूद बालू और अन्य सामग्री से लदे ट्रकों की आवाजाही जारी रहती है। ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और लापरवाही से ओवरटेकिंग की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। 

इसके अलावा सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है और ट्रैफिक पुलिस बल की कमी भी महसूस की जा रही है। कई जगहों पर स्पीड ब्रेकर, सिग्नल और स्पष्ट चेतावनी संकेतों का अभाव है। निर्माण कार्य के कारण उड़ती धूल और सड़क पर बिखरा बालू भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनता है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बड़ी दुर्घटना के बाद प्रशासन द्वारा जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हो पाता। कई बार ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर सड़क सुरक्षा को लेकर मांग उठाई है।