1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 22 Feb 2026 03:09:01 PM IST
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AADHAR CARD RULES: देश में आधार कार्ड आज सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों में से एक बन चुका है। 12 अंकों का यह यूनिक पहचान नंबर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी किया जाता है, जो भारत सरकार के दिशा निर्देशों के तहत कार्य करता है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और कई जरूरी सेवाओं में आधार की अनिवार्यता बढ़ने के साथ यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि किन लोगों का आधार कार्ड नहीं बनता और इसकी प्रक्रिया क्या है।
किन लोगों का नहीं बनता आधार कार्ड
आधार कार्ड केवल भारत में रहने वाले पात्र निवासियों के लिए जारी किया जाता है। कोई भी विदेशी नागरिक आधार कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकता। इसी तरह अवैध रूप से देश में रह रहे लोग भी आधार के लिए पात्र नहीं माने जाते। मृत व्यक्ति के नाम पर भी आधार के लिए आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति गलत या फर्जी जानकारी देकर आधार बनवाने की कोशिश करता है तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए आवेदन करते समय सही और प्रमाणित जानकारी देना अनिवार्य है।
कैसे बनता है आधार कार्ड
आधार नामांकन के लिए देशभर में अधिकृत नामांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं। नजदीकी केंद्र की जानकारी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है। आवेदक ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं या सीधे केंद्र पर जाकर नामांकन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
नामांकन के दौरान पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण और जन्म तिथि से संबंधित दस्तावेज जमा करने होते हैं। बच्चों के लिए माता या पिता का आधार नंबर और जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक होता है। केंद्र पर आवेदक की फोटो ली जाती है तथा फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन जैसे बायोमेट्रिक विवरण दर्ज किए जाते हैं। सभी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित प्रणाली में अपलोड की जाती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक को एक नामांकन पर्ची दी जाती है, जिसमें ईआईडी नंबर होता है। इसी नंबर के माध्यम से आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
सख्त जांच के बाद जारी होता है आधार
आधार जारी करने से पहले नामांकन डेटा की कई स्तरों पर जांच की जाती है। डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक जानकारी का मिलान किया जाता है ताकि किसी प्रकार की दोहराव या त्रुटि न हो। डेटा को सुरक्षित तरीके से सेंट्रल आईडी रिपॉजिटरी में अपलोड किया जाता है, जहां स्वचालित सत्यापन और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया होती है।
यदि किसी व्यक्ति का डेटा निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता या पहले से मौजूद किसी अन्य रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो आवेदन खारिज किया जा सकता है। सभी जांच पूरी होने और पहचान की पुष्टि के बाद ही आधार नंबर जारी किया जाता है। इसके पश्चात संबंधित विवरण प्रिंटिंग पार्टनर को भेजा जाता है और तैयार आधार कार्ड इंडिया पोस्ट के माध्यम से आवेदक के पते पर भेज दिया जाता है।