1st Bihar Published by: PRABHAT SHANKAR Updated Dec 29, 2020, 9:18:30 PM
- फ़ोटो
MUZAFFARPUR : बिहार में विकास की लीला भी अपरंपार है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. बिहार सरकार के मंत्री राम सूरत राय को सोशल मीडिया में ट्रोल हो रहे हैं. दरअसल उन्होंने एक ही सड़क का दो-दो बार शिलान्यास कर दिया, जिसका शिलान्यास कुछ ही दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी किया था.
बिहार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री राम सूरत राय की तस्वीर सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है. स्थानीय लोग उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं. उनकी तस्वीर पर कमेंट किये जा रहे हैं. दरअसल मामला मुजफ्फरपुर जिले के वर्षों से निर्माणाधीन मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिला को जोड़ने वाली रून्नी सैदपुर - कटरा - केवटसा पथ से जुड़ा है. बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्य काल से ही मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच 57 पर केवटसा चौक से कटरा होते हुए सीतामढ़ी के रून्नी सैदपुर को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है. हर दो साल में चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का टेंडर निकलता है, जो लोगों के लिए एक अबूझ पहेली बन गया है. लोग कहते हैं कि इस रोड के निर्माण का कार्य पता नहीं कब पूरा होगा या नहीं होगा.
इस साल इस सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 22 सितम्बर 2020 को ऑनलाइन किया था. वहीं कटरा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और औराई के तात्कालीन राजद विधायक डा.सुरेन्द्र कुमार के नाम लगे शिलापट्ट को लगाकर तात्कालीन विधायक सुरेन्द्र यादव और तब के पूर्व विधायक राम सूरत कुमार ने संयुक्त रूप से किया था. जिसमें पथ निर्माण विभाग कार्य प्रमण्डल 2 के अधिकारी भी भाग लिये थे. इधर चुनाव जीतकर मंत्री बनने के बाद औराई विधायक और बिहार सरकार में भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री राम सूरत कुमार ने सोमवार 28 दिसम्बर को फिर से शिलान्यास किया.
एक ही सड़क का दो-दो बार शिलान्यास करने को लेकर मंत्री की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोग सुसाशन की सरकार और मंत्री जी को ट्रोल कर रहें हैं. लोग कहते हैं कि बिहार में यही विकास है. मंत्री सिर्फ अख़बार में फोटो और खबर छपवाने के लिए आते हैं. इस मामले में मंत्री राम सूरत राय के समर्थकों का कहना है कि उस समय मुख्यमंत्री, तात्कालीन विधायक और पूर्व विधायक ने सिर्फ शिलान्यास किया था. कल कार्यारंभ का शिलान्यास हुआ.