धरती के भगवान की करतूत: बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने आई महिला की सील दिया आंत, मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने किया हंगामा

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 21, 2024, 10:20:22 PM

धरती के भगवान की करतूत: बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने आई महिला की सील दिया आंत, मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने किया हंगामा

- फ़ोटो

WEST CHAMPARAN: इस वक्त की बड़ी ख़बर बेतिया के नरकटियागंज से आ रही हैं जहां धरती का भगवान माने जाने वाले डॉक्टर की करतूत सामने आई है। जहां नंदपुर ढाला के समीप स्थित नीतू सर्जीकेयर हॉस्पिटल में मरीज की स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ किया। बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने आई महिला का आंत सील दिया गया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गयी। 


 मरीज की पहचान बगहा जिला निवासी अनिता देवी के रूप में हुई है।अस्पताल में मरीज को लेकर पहुँचते ही डॉक्टर के मैनेजर व कर्मियों ने मरीज के परिजनों को बाहर जाने को कहने लगे।इसको लेकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।परिजनों में करीब तीन घंटे तक अस्पताल में जमकर बवाल काटा।


मरीज के परिजनों ने बताया कि वे 2 माह पूर्व बच्चेदानी के ऑपरेशन को लेकर अस्पताल पहुँचे थे।डॉक्टर प्रमोद कुमार ने ऑपरेशन किया और आंत को सील दिया। तबियत बिगड़ने उसे हरनाटांड़  रेफर कर दिया गया।वहां दो दिन इलाज चलने के बाद अस्पताल के दो कर्मी पहुँचे और मरीज को गोरखपुर लेकर चले गए और वहां से फरार हो गए।गोरखपुर में भी जब स्थिति में सुधार नही हुआ तब वे मरीज को लेकर नीतू सर्जिकेयर अस्पताल लेकर पहुँचे थे।


लेकिन डॉ प्रमोद कुमार ने मरीज को जहर का इंजेक्शन देकर मार देने की धमकी दी।उसके बाद उन्हें अस्पताल से कर्मियों द्वारा बाहर निकाला जाने लगा। बाद में पुलिस को सूचना दी गई है। पूर्व में भी डांक्टर प्रमोद कुमार का शिशु का खरीद फरोस्त का विडियो वायरल हुआ था जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहीद चौक स्थित नितू सर्जिकेयर के ही नाम से संचालित अस्पताल को सील कर दिया गया था।


हंगामे में सूचना पर सदलबल पहुँची प्रशिक्षु डीएसपी डॉ सपना रानी ने मरीज की स्तिथि को देख डॉक्टर प्रमोद कुमार समेत चार कर्मियों को गिरफ्तार करते हुए मरीज को जीएमसीएच रेफर कराया। डॉक्टर प्रमोद कुमार,अस्पताल मैनेजर डी.के सिंह,कर्मी रिंकू श्रीवास्तव व राजन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।आसपास के लोगो ने बताया कि इससे पूर्व भी अस्पताल में मौत हो चुकी है। लेकिन डॉक्टर ने अपने रसूख के बल पर मरीज के परिजनों को मैनेज कर मामला सुलझा लिया है।