1st Bihar Published by: 9 Updated Aug 27, 2019, 8:47:52 PM
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PATNA: पूर्व सीएम राबडी देवी के आवास पर हुई महागठबंधन की बैठक में बैठक के दौरान सबकुछ तो ठीक ठाक रहा लेकिन जैसे ही इस बैठक के बारे में मीडिया को जानकारी देने की बात आयी तो तेजस्वी अचानक गायब हो गए. हालांकि बाद में हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने इस बैठक को 'ऑल इज वेल' बताया और कहा कि महागठबंधन के नेता सभी एकजुट हैं. इस बैठक के बाद महागठबंधन में शामिल सभी दलों ने संयुक्त रुप से मीडिया को संबोधित किया और बैठक के दौरान लिए गए फैसलों की जानकारी दी. मीटिंग के बाद मीडिया को जानाकारी देते हुए जीतम राम मांझी ने कहा कि महागठबंधन की बैठक अब हर महीने होगी. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेता साथ-साथ मिलकर सड़क पर उतरेंगे और साथ ही आंदोलन करेंगे. बैठक में नियोजित शिक्षकों के मुद्दों को जोर शोर से उठाए जाने को लेकर भी सहमति बनी जबकि राजधानी पटना में अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ भी नीतीश सरकार को घेरने की रणनीति बनायी गयी. जाहिर है इस बैठक का मकसद नीतीश सरकार को एक क्लीयर मैसेज देना था कि वो लोग अभी भी एकजुट हैं. लेकिन महागठबंधन की यह बैठक कुछ राजनीतिक सवालों को भी हवा दे रही है. कांग्रेस महागठबंधन के नेता के तौर पर तेजस्वी को स्वीकारने के पक्ष में नहीं है. खुद प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा और पार्टी विधायक शकील खान तेजस्वी यादव को नेता मानने से इनकार कर दिया है. वहीं जीतन राम मांझी पिछले कुछ दिनों से पप्पू यादव के साथ नई राजनीतिक समीकरण बनाते दिख रहे हैं. रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा भी गाहे बगाहे अलग बयान देते हैं. ऐसे में महागठबंध की यह बैठक इस गठबंधन को कितना महफूज रखेगी यह आने वाला समय बताएगा. पटना से गणेश सम्राट की रिपोर्ट